एलन में पार्थ ने 3 वर्षों कर कोचिंग की और अपने लिए पढ़ाई का अलग रूटीन बनाया। पार्थ ने कोचिंग के दौरान लगभग 12 घंटे प्रतिदिन समर्पित होकर पढ़ाई की और एक निश्चित कार्यक्रम को फॉलो किया।
जीव विज्ञान के लिए उसके जुनून ने उसे नीट में उपस्थित होने के लिए प्रेरित किया,पार्थ ने कहा मैंने हमेशा ईमानदारी से पढ़ाई की है, जिसका परिणाम आज सामने है।
पढ़ी हुई चीजें खास कर फॉर्मूले व कोड्स याद रखने के लिए मैं अक्सर अपने दोस्तों के साथ डिस्कस किया करता था। परीक्षा के अंतिम माह में मैंने NCERT किताबों को अधिक महत्व दिया।
नीट के फ्यूचर एस्पिरेंट्स से उसने कहा कि जो आप करना चाहते हैं, उसके लिए प्रतिबद्ध रहें और निरंतर सुधार के लिए प्रयास करते रहें।
पार्थ ने कहा, मैंने कभी सोचा नहीं था कि टॉप करूंगा, मैं बस अपना सपना पूरा करना चाहता था। कड़ी मेहनत से मुझे यह स्थान प्राप्त हुआ है।