क्वालीफाइंग कट-ऑफ और प्रवेश कट-ऑफ में क्या अंतर है, जानिए पूरी डिटेल्स
प्रतियोगिता परीक्षा के बाद रिजल्ट जारी करते हुए छात्रों के लिए कट-ऑफ जारी की जाती है। जिसके आधार पर उन्हें कोर्स में प्रवेश प्राप्त होता है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि कट-ऑफ क्या होती है और कितने प्रकार की होती है।
प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को बता दें कि कट-ऑफ दो प्रकार की होती है, जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं। आइए आपको बताएं...
कट-ऑफ दो प्रकार की होती है
1. क्वालीफाइंग कट-ऑफ
2. प्रवेश कट-ऑफ
किसी भी प्रतियोगिता परीक्षा में क्वालीफाइंग कट-ऑफ का मतलब न्यूनतम ग्रेड से होते हैं।
Fill in some क्वालीफाइंग कट-ऑफ क्या है? (What is Qualifying Cut-Off)
इस क्वालीफाइंग कट-ऑफ के आधार पर उम्मीदवार केवल परीक्षा पास करता है।
उदाहरण के माध्यम से बताएं तो जैसे कक्षा 12वीं पास करने के लिए उम्मीदवारों को न्यूनतम अंक 33 प्रतिशत अंकों की आवश्यकता होती है।
पास करने लायक प्राप्त न्यूनतम अंकों को पासिंग मार्क्स कहा जाता है। वहीं परीक्षा टॉप करने या डिविजन प्राप्त करने के लिए उम्मीदवारों को 60 से अधिक अंक प्राप्त करने पड़ते हैं।
ठीक उसी तरह प्रतियोगिता परीक्षा में न्यूनतम ग्रेड या अंक प्राप्त करने को क्वालीफाइंग कट-ऑफ कहा जाता है।
प्रतियोगिता परीक्षाओं में प्रवेश कट-ऑफ अंतिम रैंक होती है। जिसके आधार पर उम्मीदवार पसंदीदा संस्थान में प्रवेश प्राप्त करते हैं।
प्रवेश कट-ऑफ क्या है? (What is Admission Cut-Off)
जिस विषय में प्रवेश के लिए आपने परीक्षा दी है, उसकी प्रवेश कट-ऑफ के आधार से पर स्कोर स्वीकार करने वाले भारत के टॉप संस्थानों में प्रवेश प्राप्त कर सकते है।
भारत के राज्य/केंद्रीय विश्वविद्यालय कोर्स में प्रवेश के लिए कट-ऑफ जारी करते हैं। उसके आधार पर उम्मीदवार द्वारा प्राप्त रैंक के आधार पर वह संस्थानों में प्रवेश प्राप्त करते हैं।