चंद्रयान मिशन की शुरुआत वर्ष 2008 में की गई थी, जब पहला चंद्रयान चांद पर भेजा गया था।
चंद्रयान 1 के बाद चंद्रयान 2 को 15 जुलाई 2019 में लॉन्च किया था और अब 14 जुलाई 2023 में चंद्रयान 3 लॉन्च किया जा रहा है।
चंद्रयान 2 और चंद्रयान 3 में क्या अंतर है ये आपके लिए जानना आवश्यक है तो आइए आपको इस बारे में बताएं...
चंद्रयान 2 के मुख्य कंपोनेंट ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर था वहीं चंद्रयान 3 में कंपोनेंट में प्रोपल्शन मॉड्यूल, लैंडर और रोवर है।
चंद्रयान 3 का पेलोड 3,900 किलोग्राम का है और चंद्रयान 2 का पेलोड 3,850 किलोग्राम का था, जो चंद्रयान 3 की तुलना में कम है।
चंद्रयान 2 में ऑर्बिट 2,379 किलो, लैंडर 1,471 किलो और रोवर 27 किलो का था वहीं चंद्रयान 3 में ऑर्बिट 2,145 किलो, लैंडर 1,749.86 किलो और रोवर 26 किलो का है।
चंद्रयान 2 के दौरान ऑर्बिट पर 8, रोवर पर 2 और लैंडर पर 4 प्रयोग किये गए थे। चंद्रयान 3 के लैंडर, रोवर पर चंद्रयान 2 के जैसे प्रयोग किये गए, लेकिन प्रोपल्शन मॉड्यूल पर पेलोड को जोड़ा गया है।
चंद्रयान 2 के लैंडर का जीवन चंद्र दिन और रोवर का जीवन 1 साल से 7 साल तक का, वहीं चंद्रयान 3 के प्रोपल्शन मॉड्यूल का जीवन 3 से 6 माह ओर लैंडर और रोवर का जीवन 1 चंद्र दिन का है।
चंद्रयान 2 को चंद्रमा तक पहुंचने में कुल मिलाकर 48 दिन का समय लगा था। चंद्रयान 2 के मुकाबले चंद्रयान 3 को केवल 42 दिन का समय लेगेगा।
चंद्रयान 2 में 5 थ्रस्टर्स है और 3 में केवल 4 थ्रस्टर्स है।