Pompa Sen       Sep 25, 2023

छात्रों को अवश्य पढ़ना चाहिये आचार्य विनोबा भावे के ये विचार

विनोबा भावे एक महान विद्वान, विचारक और लेखक थें, जिन्होंने कई पुस्तकें लिखीं। उन्हें आचार्य भी कहा जाता है।

कौन थे आचार्य विनोबा भावे?

उन्हें भू-दान आंदोलन के लिए जाना जाता है। उन्हें भारत का राष्ट्रीय शिक्षक और महात्मा गांधी का आध्यात्मिक उत्तराधिकारी माना जाता है।

1. "यदि आप किसी चीज का सपना देखने का साहस कर सकते हैं तो उसे प्राप्त भी कर सकते हैं।"

2. "ऐसा व्यक्ति जो एक घंटे का समय बर्बाद करता है, उसने जीवन के मूल्य को समझा ही नहीं है।"

3. "हम आगे बढ़ते हैं, नए रास्ते बनाते हैं और नयी परियोजनाएं बनाते हैं क्योंकि हम जिज्ञासु हैं और जिज्ञासा हमें नयी राहों की ओर ले जाती है।"

4. "प्रेरणा कार्य आरम्भ करने में सहायता करती है और आदत कार्य को जारी रखने में सहायता करती है।"

5. "अनुशासन, लक्ष्यों और उपलब्धि के बीच का सेतु है। यकीन मानिए ज्ञान की अपेक्षा अज्ञान ज्यादा आत्मविश्वास पैदा करता है।"

6. "औपचारिक शिक्षा आपको जीविकोपार्जन के लिए उपयुक्त अवसर देती है, जबकि अनुभव आपका भाग्य बनाते हैं।"

7. "जो सब की प्रशंसा करता है वह किसी की प्रशंसा नहीं करता।"

8. "महान विचार ही कार्य रूप में परिणत होकर महान कार्य बनते हैं।"

9. "जब तक कष्ट सहने की तैयारी नहीं होती तब तक लाभ दिखाई नहीं देता। लाभ की इमारत कष्ट की धूप में ही बनती है।"

10. "नई चीज सिखने कि जिसने आशा छोड़ दे, वह बुढा है।"