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Savitribai Phule के प्रेरणादायक कोट्स

सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 में महाराष्ट्र में हुआ। शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने वाली सावित्रीबाई फुले के अनमिल विचार आपका जीवन बना देंगे।
Narender Sanwariya
शिक्षा स्वर्ग का द्वार खोलती है, स्वयं को जानने का अवसर देती है।
स्वाभिमान से जीने के लिए पढ़ाई करो, पाठशाला ही इंसानों का सच्चा गहना है।
उसका नाम अज्ञान है। उसे धर दबोचो, मज़बूत पकड़कर पीटो और उसे जीवन से भगा दो।
बेटी के विवाह से पहले उसे शिक्षित बनाओ ताकि वह आसानी से अच्छे बुरे में फर्क कर सके।
अज्ञानता को तुम पकड़ो, धर दबोचो, मजबूती से पकड़कर उसे पिटो और उसे अपने जीवन से भगा दो।
स्त्रियां केवल घर और खेत पर काम करने के लिए नहीं बनी है, वह पुरुषों से बेहतर कार्य कर सकती है।
देश में स्त्री साक्षरता की भारी कमी है क्योंकि यहां की स्त्रियों को कभी बंधन मुक्त होने ही नहीं दिया गया।
एक सशक्त शिक्षित स्त्री सभ्य समाज का निर्माण कर सकती है, इसलिए उनको भी शिक्षा का अधिकार होना चाहिए।
पढ़ो, लिखो, मेहनती बनो, आत्मनिर्भर काम करो, ज्ञान और धन एकत्रित करो, ज्ञान के बिना सब खो जाता है, ज्ञान के बिना हम जानवर बन जाते है इसलिए खाली मत बैठो, जाओ जाकर शिक्षा लो।
मेरी कविता को पढ़ सुनकर यदि थोड़ा भी ज्ञान हो जाए प्राप्त। मैं समझूंगी मेरी परिश्रम सार्थक हो गया। मुझे बताओ सत्य निडर होकर की कैसी है मेरी कविताएं ज्ञान परख यथार्थ मनभावन या अद्भुत तुम ही बताओ।
सावित्रीबाई फुले के जीवन से जुड़ी वो बातें जो हर कोई नहीं जानता।
सावित्रीबाई फुले की कहानी