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PG Diploma: रूरल डेवलेपमेंट कोर्स की फुल डिटेल

पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रूरल मैनेजमेंट 2 साल की अवधि का फुल-टाइम कोर्स है।
chailsy raghuvanshi
रूरल डेवलेपमेंट क्या है?
रूरल मैनेजमेंट जैसा कि नाम से ही समझ आता है इस कोर्स में ग्रामीण पर्यावरण और विकास में सुधार के लिए कृषि प्रबंधन प्रणालियों के बारे में बताया जाता है
रूरल डेवलेपमेंट कोर्स में छात्रों के ये पढ़ाया व सिखाया जाता है कि बिना किसी नुकसान के ग्रामीण परिवेश में सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में स्थायी परिवर्तन कैसे लाया जाएं।
पीजीडी इन रूरल डेपलेपमेंट
उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूतमत 50% अंकों के साथ मैनेंजमेंट से संबंधित विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए।
एलिजिबिलिटी
एडमिशन प्रोसेस
पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रूरल मैनेजमेंट में एडमिशन प्रोसेस कॉलेज से कॉलेज पर निर्भर करता है। कुल कॉलेज में एडमिशन एंट्रेंस एग्जाम के पर आधार पर होते हैं। तो कुछ संस्थान में उम्मीदवार मेरिट लिस्ट के आधार पर एडमिशन देते हैं।
1. कॉमन एडमिशन टेस्ट
2. एक्सएटी
3. एसएनएपी
4. कॉमन मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट
एंट्रेंस एग्जाम
टॉप कॉलेज

1. जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस, रांची
2. जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट एक्शन एंड स्टडीज, जबलपुर
3. शिवालिक इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एजुकेशन एंड रिसर्च, दुर्ग
4. मुंबई विश्वविद्यालय
5. ग्रामीण प्रबंधन संस्थान, जयपुर
जॉब प्रोफाइल
रिसर्चर, रूरल मैनेजर, एग्रोनॉमिस्ट, प्रोग्राम ऑफिसर, रूरल डेवलेपमेंट मैनेजर, सेल्स मैनेजर, आदि।
जॉब सैलरी
इस कोर्स को सफलतापूर्वक करने के बाद छात्रों की शुरुआती सैलरी 3,00,000 से 9,00,000 तक के बीच होती है।
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