पीजी डिप्लोमा इन डाटा साइंस 10 महीने से 2 साल तक की अवधि का कोर्स है जो डेटा साइंस और डेटा एनालिटिक्स में विशेष ट्रेनिंग प्रदान करता है।
chailsy raghuvanshi
डेटा साइंस का पीजीडी कोर्स डेटा एनालिटिक्स में विशेष ट्रेनिंग प्रदान करता है, जिसका उपयोग कम्प्यूटेशनल और बायोलॉजिकल साइंस में किया जाता है।
बता दें कि डेटा साइंस प्रेडिक्टिव मॉडल बनाने के लिए कॉम्पलेक्स मशीन लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग करता है।
एनएमआईएमएस मुंबई, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, आईआईआईटी लखनऊ हैं जो डेटा साइंस में पीजी डिप्लोमा प्रदान करते हैं।
भारत में डेटा साइंस के टॉप कॉलेज
इंजीनियरों और चार्टर्ड एकाउंटेंट की तुलना में, भारत में डाटा साइंटिस्ट लिंक्डइन पर सबसे तेजी से बढ़ने वाला करियर है, जिसमें 2026 तक 11.5 मिलियन पद होने की उम्मीद है।
इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए इच्छुक उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में कम से कम 50% अंक के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए।
पीजी डिप्लोमा इन डेटा साइंस: एलिजिबिलिटी
डाटा साइंस में पीजी डिप्लोमा में एडमिशन प्रोसेस प्रत्येक यूनिवर्सिटी में अलग-अलग होता है। कुछ जगह एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर एडमिशन होता है तो कुछ जगह मेरिट लिस्ट के आधार पर।
पीजी डिप्लोमा इन डेटा साइंस: एडमिशन 2022
भारत में 470 से अधिक डेटा साइंस कॉलेज हैं। जिसमें कि 85% डेटा साइंस के प्राइवेट कॉलेज हैं, 13.5% सरकारी कॉलेज और 1.5% पब्लिक-प्राइवेट भागीदारी वाले कॉलेज हैं।
डेटा साइंटिस्ट आज की दुनिया में न केवल सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग में, बल्कि वित्त, बीमा, बैंकिंग, मार्केटिंग एंड सेल्स, कंजयूमर गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, हेवी इंडस्ट्री और अन्य सभी क्षेत्रों में सबसे अधिक मांग वाली जॉब प्रॉफाइल हैं।