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नीरद चंद्र चौधरी के बारे में रोचक तथ्य

कौन थे नीरद चंद्र चौधरी आइए जानते हैं क्यों याद किया जाता है उन्हें
chailsy raghuvanshi
नीरद चंद्र चौधरी एक भारतीय लेखक थे जिनका जन्म 23 नवंबर 1897 को हुआ था
नीरद चंद्र चौधरी
भारत के अंग्रेजी लेखकों का जिक्र जब भी हो नीरद चंद्र चौधरी को जरूर याद किया जाता है।
नीरद चंद्र चौधरी द्वारा रचित एक जीवनी स्कॉलर एक्स्ट्राऑर्डिनरी के लिए उन्हें सन् 1975 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
नीरद चंद्र को बंगाल के विद्वान के रूप में भी जाना जाता था।
नीरद चंद्र द्वारा रचित बांग्ला कृतियां
  1. बंगाली जीबने रमणी
  2. आत्मघाती बंगाली
  3. आत्मघाती रबीन्द्रनाथ
  4. आमार देबोत्तर सम्पत्ति
  5. निर्बाचित प्रबन्ध
  6. आजी होते शतबर्ष आगे
1951 में प्रकाशित नीरद चंद्र चौधरी की कृति, एक अज्ञात भारतीय की आत्मकथा, ने उन्हें महान भारतीय लेखकों की सूची में शामिल किया।
1. A Passage to England (1959)
2. The Continent of Circe (1965)
3. The Intellectual in India (1967)
4. To Live or Not to Live (1971)
5. Friedrich Max Muller, P.C. (1974)
6. Culture in the Vanity Bag (1976)
7. Clive of India (1975)
8. Hinduism: A Religion to Live by (1979)
9. Thy Hand, Great Anarch! (1987)
10. Three Horsemen of the New Apocalypse (1997)
नीरद चंद्र द्वारा रचित फेमस अंग्रेजी किताबे
नीरद चंद्र चौधरी की मृत्यु 1 अगस्त 1999 को हुई थी।
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