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स्वतंत्रता दिवस 2022:नॉर्थ ईस्ट राज्यों के स्वतंत्रता सेनानियों के नाम

भारतीय स्वतंत्रता दिवस पर आईए जाने स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने नॉर्थ ईस्ट राज्यों के सेनानियों का नाम जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता आंदोनल में दिया योगदान।
Varsha Kushwaha
1). मनीराम दीवान

 मनीराम दत्ता दीवान का जन्म 17 अप्रैल 1806 में असम में हुआ था। असम के लोगों उन्हें कलिता राजा के नाम से जाना गया। उन्हें 1857 की क्रांति के षड्यंत्र के लिए ब्रिटिश सरकार के द्वारा फांसी की सजा दी गई।
2). किआंग नंगबाह 

 भारत की स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले किआंग नंगबाह का जन्म मेघालय में हुआ था। ब्रिटिश सरकार से खिलाफ इन्होंने अवाज उठाई जिसके चलते ब्रिटिश सरकार ने 30 दिसंबर 1862 में फांसी पर लटकाया गया।
3). ताजी मिडेरेन

 ताजी मिडेरेन का जन्म असम में हुआ था। इन्होंने मिशमी नेतृत्व की शुरूआत की, ताकि ब्रिटिश शासन के विस्तार को रोका जा सके। उनके इस अभियान की वजह से उन्हें अंग्रेजों ने गिरफ्तार किया और 1917 में उन्हें फांसी की सजा दी गई।
4). रानी गाइदिनल्यू

 गाइदिनल्यू पैसे के नाम से जाने जाने वाली रानी गाइदिनल्यू का जन्म 26 जनवरी 1915 में मणिपुर में हुआ था। गाइदिनल्यू पैसे को रानी की उपाधि नेहरू जी द्वारा दी गई थी। उन्होंने 13 साल की उम्र से अभियानों में हिस्सा लेना शुरू किया और 16 साल उम्र में ब्रिटिश सेना द्वारा गिरफ्तार किया।
5). शूरवीर पसलथा

 शूरवीर पसलथा का जन्म मिजोरम में हुआ था। वह मिजोरम के पहले स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने अपने क्षेत्र और लोगों को ब्रिटिश शासन से बचाने के लिए अपनी जान तक न्योछावर कर दी।
6). हेम बरुआ

 हेम बरुआ को त्यागबीर के नाम से भी जाना जाता है। हेम बरुआ को त्यागबीर का नाम असम के लोगों के लिए उनके योगदान के लिए दिया गया। वह एक स्वतंत्रता सेनानी, समाजिक कार्यकर्ता और लेखक थें। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने के लिए उन्होंने पढ़ाई भी छोड़ दी।

7). भोगेश्वरी फुकानानी

भारतीय स्वतंत्रता सेनानी भोगेश्वरी फुकानानी का जन्म 1885 में असम में हुआ था। उन्होंने ब्रिटिश राज के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई। मुख्य तौर पर भारत छोड़ो आंदोलन के लिए जाने गए। इसी के साथ उन्होंने अहिंस मार्च में हिस्सा लिया।

8). चेंगजापाओ कुकी

 स्वतंत्रता सेनानी चेंगजापाओ कुकी का जन्म मणिपूर में हुआ था। जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के दौरान अपना योगदान दिया था। उन्होंने कुकी समुदाय का ब्रिटिश राज के खिलाफ नेतृत्व किया था और वह इंडियन नेशनल कांग्रेस का हिस्सा थी।
9). मैटमोर जैमोरो

 मैटमोर जैमोरो का जन्म अरुणाचल प्रदेश में हुआ था। मैटमोर जैमोरो एक क्रांतिकारी थे और अदी योद्धा थे। जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आवाज उठाई जिसकी वजह से ब्रिटिश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार किया और उम्र कैद की सजा सुनाई।
10). कनकलता बरुआ

 बीरबाला और शहीद के नाम से जाने जाने वाली कनकलता बरुआ का जन्म असम में 22 दिसंबर 1924 में हुआ था। भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान राष्ट्रध्वज को लेके आगे बढ़ते समय ब्रिटिश सेना ने उन पर गोली चलाई और 17 वर्ष की आयु में वह शहीद हुई।
11). बीर टिकेंद्र जित सिंह

 बीर टिकेंद्र जित सिंह का जन्म 29 दिसंबर 1856 में मणिपुर में हुआ था। वह मणिपुर के राजकुमा और आर्मी के कंमाडर थें। 1891 में एंग्लों-मणिपुरी युद्ध के दौरान अंग्रेजों ने उन्हें पकड़ और सबके सामने फांसी की सजा दी।
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