Chailsy Raghuvanshi       Aug 12, 2023

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज संहिता क्या है?

भारतीय ध्वज संहिता 2002 में लागू की गई थी, इसमें राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे से संबंधित नियमों के बारे में बताया गया है।

इसके लागू होने से पहले आम जनता द्वारा केवल 26 जनवरी या 15 अगस्त पर ही तिरंगा फहराया जा सकता था।

लेकिन अब नए नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति कभी भी मर्यादित रूप में तिरंगा फहरा सकता है।

क्या है राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे से संबंधित नियम-कानून देखें अगली स्लाइड्स में..

1. ध्वज फहराने वाली जगह को उचित स्थान दिया जाये और उसको ऐसे जगह फहराएं जहां से वह सभी को दिखाई दे सके।

2. राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के आसपास अगर कोई भी झंडे को लगाना है तो उसका स्थान तिरंगे के नीचे होना चाहिए।

3. झंडे का आकार आयताकार होना चाहिए और इसकी लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2 होना चाहिए।

4. राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे में समान अनुपात में तीन क्षैतिज पट्टियां: केसरिया रंग सबसे ऊपर, सफेद बीच में और हरा रंग सबसे नीचे होना चाहिए। 

5. तिरंगे के बीच में बने अशोक चक्र में 24 तीलियां होनी चाहिए।

6. किसी भी प्रकार से तिरंगा जमीन से नहीं छूना चाहिए।

7. अगर किसी मंच पर ध्वजारोहण हो रहा है तो वक्ता सामने की ओर देखे और झंडा उसके दाहिने तरफ होना चाहिए।

8. अगर तिरंगा किसी कारणवश कट या फट जाए तो उसे अकेले में नष्ट किया जाना चाहिए।