Varsha Kushwaha       Apr 13, 2023

कैसे प्राप्त हुई भीमराव को "बाबा साहब", "अम्बेडकर" और "बोधिसत्व" की उपाधि 

आज बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की 132वीं जयंती। जहां पूरा देश उन्हें श्रद्धांजली अर्पित कर रहा है। 

डॉ. अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 में भीमराव सकपाल के रूप में हुआ था। लेकिन अब उन्हें बाबा साहब अम्बेडकर क्यों बुलाया जाता है। 

इन नामों की उपाधि उन्हें कैसे और किसके द्वारा दी गई ये सवाल सबके मन में आता है। आइए आपको बताएं...

भीमराव के अंबेडकर नाम उनकी स्कूली शिक्षा के दौरान प्राप्त हुआ था। जो उनके एक शिक्षक द्वारा दिया गया था।

उनके ब्राह्मण शिक्षक, जो उन्हें बहुत मानते थे। उन्होंने अपने नाम पर भीमराव को अम्बेडकर नाम दिया और वहां से वह भीमराव सकपाल से अम्बेडकर कहलाए। 

सकपाल से अम्बेडकर के बाद कैसे उन्हें बाबा साहब की उपाधि प्राप्त हुई। 

अम्बेडकर को बाबा साहब की उपाधि देने वाले और कोई नहीं खैरमोड़े साहब थें। 

वर्ष 1927 में उन्होंने डॉ. भीमराव अम्बेडकर को "बाबा साहब" के नाम से संबोधित करने का सुझाव दिया।

इस प्रकार उन्हें बाबा साहब की उपाधि प्राप्त हुई और आज तक उन्हें इस उपाधि से संबोधित किया जाता है। 

अम्बेडकर को "बोधिसत्व" की उपाधि बौद्ध भिक्षुओं द्वारा दी गई थी। ये अलग बात है कि अम्बेडकर ने खुद को कभी बोधिसत्व नहीं कहा था।