Tap to Read ➤

जानिए सिखों के 10 गुरुओं के बारे में

गुरु नानक जी सिख धर्म के संस्थापक और प्रथम गुरु थें। वर सत्य की ही सच्चा ईश्वर मानते थें। उनके बाद सिख धर्म में 9 गुरु और रहे हैं आइए गुरु नानक जयंती पर आपको बताएं सिखों के 10 गुरुओं के बारे में।
Varsha Kushwaha
गुरु नानक जी
गुरु नानक जी सिखों के पहल गुरु और सिख समुदाय के संस्थापक थें। उन्होंने किसी एक धर्म का होने का दावा नहीं किया उनका मानना था की सत्य में विश्वास रखने वाला ही ईश्वर की प्राप्ती कर सकता है।
सीखों के दूसरे गुरु अंगद की गुरु नानक जी से मुलाकात के बाद वह सिख बने और उन्हों गुरु नानक जी के साथ कार्य किया और उनकी सेवा की। गुरु नानक जी के निधन से पहले उन्होंने अपना उत्तराधिकारी गुरु अंगद जी को बनाया था।
गुरु अंगद
तीसरी गुरु गुरु अमर दास ने समाज में सम्मानता के लिए लड़ाई लड़ी थी। अपने समय काल में उन्होंन गुरु नानक जी के मुफ्त रसोई के विचार को अपनाया और उसका निर्माण किया, जहां सभी लोग चाहें वह गरीब हो या अमीर हो सब साथ बैठ के भोजन
गुरु अमर दास
सिखों के चौथे गुरु राम दास था, उन्हें राम दास का नाम गुरु अमर दास द्वारा दिया गया था। गुरु अमर दास ने अपने बेटे कि बजाय जेठा को उत्तराधिकारी चुना था। गुरु राम दास ने अमृतसर ने स्वर्ण मंदिर की निर्माण शुरु किया था।
गुरु राम दास
गुरु अर्जन
गुरु अर्जन का जन्म 15 अप्रैल 1563 में हुआ था। उन्होंने सिखों के ग्रंथ को संकलित किया जिसे आदि ग्रंथ के रूप में जाना जाता है। इसी के साथ तीसरे गुरु के समय शुरु हुए स्वर्ण मंदिर के निर्माण को उन्होंने पूरा करवाया।
गुरु हरगोबिंद सिखों के छठें गुरु थें, और पांचवे गुरु अर्जन के बेटें भी थें। उनका मानना था की कभी-कभी विश्वास की रक्षा के लिए हथियार उठाना और युद्ध करना आवश्यक होता है। अपने इस विश्वास के लिए उन्होंने एक छोटी सी सेना बनाई।
गुरु हरगोबिंद
सिखों के सातवें गुरु, छठे गुरु हरगोबिंद पौत्र थें। उन्होंने गुरु नानक की शिक्षा को फैलान का कार्य किया। उन्होंने अपने दादा जी की बनाई सेना को समाप्त नहीं किया लेकिन उसका कभी प्रयोग भी नहीं किया और उससे दूरी बनाई रखी।
गुरु हर राय
सिखों के आठवें गुरु हर कृष्ण पांच साल की उम्र में सिखों के सबसे छोटी उम्र के गुरु बने थें। उन्होंने चेचक की महामारी से लोगों को ठीक करने में सहायता की और उसी दौरान हुए चेचक से 8 वर्ष की आयु में उनकी निधन हो गया।
गुरु हर कृष्ण
नौवे गुरु तेग बहादुर छठे गुरु हरगोबिंद जी के सबसे छोटे पुत्र थें। वह एक आध्यात्मिक विद्वान और कवि भी थें। उनके 115 भजनों को गुरु ग्रंथ साहिब के मु्ख्य पाठों में सम्मलित किया गया है। उन्हों लोगों को जिस धर्म को चाहों पूजा करने का अधिकार दिया था।
गुरु तेग बहादुर
सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह का जन्म 22 दिसंबर को पटना में हुआ था। वह नौवें गुरु गोबिंद सिंह के पुत्र थें। गोविंद सिंह मानव गुरुओं में अंतिम गुरु थें। उन्होंने मृत्यु से पहले गुरु ग्रंथ साहिब को सिख ग्रंथ के रुप में घोषित किया।
गुरु गोबिंद सिंह
Guru Nanak ji Quotes