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ये हैं आंध्र प्रदेश की महिला स्वतंत्रता सेनानी

जानिए आंध्र प्रदेश की महिला स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में
chailsy raghuvanshi
भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। देश के किसी भी अन्य हिस्से की तरह आंध्र प्रदेश ने भी स्वतंत्रता संग्राम में अहम योगदान दिया।
आंध्र में किए गए स्वतंत्रता संग्राम में, महिलाओं ने असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में बड़ी संख्या में भाग लिया।
दुर्गाबाई देशमुख जिन्हें लेडी देशमुख के नाम से भी जाना जाता है। वे एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, वकील, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिज्ञ थी।
दुर्गाबाई देशमुख
दुर्गाबाई देशमुख भारत की संविधान सभा और भारत के योजना आयोग की सदस्य थी। दुर्गाबाई का जन्म आंध्र प्रदेश में स्थित राजमुंदरी में ब्राह्मण समुदाय से संबंधित गुम्मीदिथला परिवार में हुआ था।
संगम लक्ष्मी बाई
संगम लक्ष्मी बाई ने अपने छात्र जीवन के दौरान साइमन कमीशन का बहिष्कार करके राजनीति में प्रवेश किया। उन्होंने नमक सत्याग्रह में सक्रिय भाग लिया और 1930-31 तक एक वर्ष के लिए जेल में रहीं।
संगम लक्ष्मी बाई इंदिरा सेवा सदन (अनाथालय), राधिका मैटरनिटी होम, वासु शिशु विहार और हैदराबाद में मसेट्टी हनुमन्थु गुप्ता हाई स्कूल की संस्थापक और मानद सचिव थी।
अरुतला कमला देवी
अरुतला कमला देवी एक भारतीय राजनीतिज्ञ, स्वतंत्रता सेनानी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की नेता थी। उन्होंने 1952 से 1967 तक लगातार 3 बार अलेयर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
कलमा देवी 1952 से 1967 तक लगातार 3 बार अलेयर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। अरुतला कमला देवी भारत की पहली महिला विपक्षी नेता थी।
स्वतंत्रता दिवस 2022