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राष्ट्रगान 'जन गण मन' से जुड़े 10 रोचक तथ्य

जानिए भारतीय राष्ट्रगान 'जन गण मन' से जुड़े रोचक तथ्य
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हालांकि, यह मूल रूप से बंगाली भाषा में लिखा गया था जिसका शीर्षक 'भरोतो भाग्य बिधाता' था।
भारत का राष्ट्रगान भारतीय प्रसिद्ध कवि और नाटककार, रवींद्रनाथ टैगोर के लेखन से लिया गया है।
पहली बार 1905 में तत्वबोधिनी पत्रिका में राष्ट्रगान का पाठ प्रकाशित हुआ था।
साल 1911 के दिसंबर में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में कथित तौर पर भारत का राष्ट्रगान 'जन गण मन' पहली बार गाया गया था।
1919 में भारतीय राष्ट्रगान का अंग्रेजी भाषा में अनुवाद किया गया, जिसका शीर्षक था "मोर्निंग सोंग ऑफ इंडिया"।
भारतीय राष्ट्रगान "जग गण मन" लगभग 52 सेकंड में गाया जा सकता है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस पहले व्यक्ति थे जिन्होंने 11 सितंबर, 1942 को जर्मन-भारतीय समाज की बैठक के दौरान "जग गण मन" को 'राष्ट्रगान' का लेबल दिया।
राष्ट्रगान के हिंदी संस्करण को 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा द्वारा अपनाया गया था।
भारत के राष्ट्रगान के चयन का श्रेय नेताजी सुभाष चंद्र बोस को जाता है क्योंकि वे राष्ट्रगान के चयन निकाय में प्रमुख व्यक्ति थे।
राष्ट्रगान का हिंदी-उर्दू संस्करण में अनुवाद करने का श्रेय कैप्टन आबिद हसन सफरानी को जाता है, जिसका शीर्षक 'सुख सुख चैन' है।
भारत देश का राष्ट्रगान देश की धार्मिक और क्षेत्रीय विविधता और एकता को दर्शाता है।
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