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स्वतंत्रता दिवस 2022: अमर जवान ज्योति से जुड़े 10 रोचक तथ्य

हर वर्ष भारतीय स्मारक अमर जवान ज्योति पर देश के लिए शहिद हुए सैनिकों को श्रद्धांजली दी जाती है। आइए जाने अमर जवान ज्योति से जुडे कुछ रोचक तथ्य।
Varsha Kushwaha
भारतीय स्मारक अमर जवान ज्योति को उन भारतीय सैनिको को श्रद्धांजलि देने के लिए बनाया गया है जो अपने देश के लिए लड़ते हुए शहिद हुए थे।
अमर जवान ज्योति नई दिल्ली के राजपथ पर इंडिया गेट के नीचे स्थित है।
इंडिया गेट का डिजाइन एडविन लुटियंस द्वारा किया गया था। इस स्मारक की नीव 1921 में रखी गई थी। जिसे बनने में पूरे 10 साल लगे और इसका उद्घाटन 1931 में हुआ।
अमर जवान ज्योति को 1971 में इंडिया गेट पर स्थापित किया गया और 1978 में उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा इसका उद्घाटन किया गया था।
इस स्मारक का निर्माण 1971 में हुए भारत-पाक युद्ध में शहिद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए किया गया था।
अमर जवान ज्योति पर भारत की तीनों सेना के जवान हमेशा ही तैनात रहते हैं। इस स्मारक पर भारतीय सशस्त्र बलों के झंडे भी स्थापित है।
अमर जवान ज्योति हर समय प्रज्वलित रहे इसे सुनिश्चित करने के लिए लौ के साथ में नीचे की तरफ एक कमरा है जहां एक व्यक्ति रहता हमेशा उपस्थित रहता है।
  • 1971 से 2006 तक तरल पेट्रोलियम गैस के द्वारा लौ को जीवित रखा गया। उसके बाद से पाइप वाली प्राकृतिक गैस के माध्यम लौ को जीवित रखा जाता है।
गणतंत्र दिवस पर हर वर्ष भारत के प्रधानमंत्री अमर ज्वान ज्योति पर माला अर्पित कर के शहिदों को श्रद्धांजलि देते हैं।
स्मारक में एक संगमरमर की कुरसी है जिसे अज्ञात सैनिको की कब्र के रूप में प्रदर्शित है। इसके शीर्ष पर एक L1A1 स्व-लोडिंग राइफल रखी गई है, जिसके ऊपर युद्ध के एक सैनिक का हेलमेट लगा हुआ है।
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