14 अप्रैल को हर साल अंबेडकर जयंती मनाई जाती है। इस साल अम्बेडकर की 132 वीं जयंती मना रहे हैं।
आइए आपको इस स्टोरी के माध्यम से अम्बेडकर जी के अनमोल विचारो के बारे में बताएं।
यदि हम अखंड एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं तो सभी धर्मों के ग्रंथों की संप्रभुता समाप्त होनी चाहिए।
Title 3
अम्बेडकर के प्रेरणात्मक कोट्स
शिक्षित बनो, संगठित बनो और संघर्ष करो
जो इतिहास भूल जाते हैं वे इतिहास नहीं बना सकते
मैं किसी समुदाय की प्रगति को महिलाओं द्वारा हासिल की गई प्रगति से मापता हूं।
मन की खेती मानव अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।
कानून और व्यवस्था राजनीतिक शरीर की दवा है और जब राजनीतिक शरीर बीमार हो जाए तो दवा जरूर देनी चाहिए।
एक महान व्यक्ति एक प्रतिष्ठित व्यक्ति से इस मायने में भिन्न होता है कि वह समाज का सेवक बनने के लिए तैयार रहता है।
जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता प्राप्त नहीं कर लेते, कानून द्वारा प्रदान की गई कोई भी स्वतंत्रता आपके किसी काम की नहीं है।
पुरुष नश्वर हैं, तो विचार जीवित हैं। एक विचार को प्रसार की आवश्यकता होती है, जितना एक पौधे को पानी की आवश्यकता होती है। नहीं तो दोनों मुरझा जाएंगे और मर जाएंगे।