आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कैसे करें जानिए
आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग में डिप्लोमा तीन साल की अवधि का एक कोर्स है, जो बिल्डिंग बनाने के लिए लेआउट, डिजाइनिंग और प्लानिंग पर फोकस करता है।
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आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग डिप्लोमा
इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए छात्रों को किसी मान्यता प्राप्त शैक्षिक बोर्ड से 10वीं कक्षा में न्यूनतम 55% अंक के साथ पास होना आवश्यक है।
आर्किटेक्चर डिप्लोमा की फीस
भारत में टॉप डिप्लोमा कोर्स में से एक आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग के कॉलेज की फीस लगभग 8,000 से 85,000 के बीच होती है।
आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग में नौकरी
यह डिप्लोमा कोर्स पूरा करने के बाद शैक्षिक संस्थानों, सिविल इंजीनियरिंग विभाग, निर्माण कंपनियों, हवाई अड्डों और रेलवे समेत विभिन्न निर्माण क्षेत्रों में नौकरी मिलती है।
आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग
पोस्ट की बात करें तो, बिल्डिंग डिजाइनर, असिस्टेंट आर्किटेक्ट, टीचर, इंटीरियर डिजाइनर, ऑटोमोटिव डिजाइनर जैसी जॉब प्रॉफाइल मिलती है।
आर्किटेक्चर इंजीनियर की सैलरी
आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग कोर्स करने के बाद जॉब के लिए चयनित उम्मीदवारों को वेतन के रूप में औसतन 1 लाख से 20 लाख रुपये तक मिलते हैं।
आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग कोर्स की अवधि
10वीं करने के बाद आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग कोर्स में डिप्लोमा की अवधि 3 साल होती है। इन 3 वर्षों में 6 सेमेस्टर का आयोजन किया जाता है और प्रत्येक सेमेस्टर में 6 महीने की अवधि होती है।
आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग में एडमिशन
आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स करने के लिए छात्र ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से ही आवेदन कर सकते हैं।