Ajay Mohan       Mar 02, 2023

 उन्हें कविताएं और लेख लिखने का शौक़ था। उनकी पुण्यतिथि पर प्रस्तुत हैं उनके कुछ अनमोल विचार 

ऊंचा उठती हूं मैं कि पहुंचू नियत झरने तक, टूटे ये पंख लिए मैं चढ़ती हूं ऊपर तारों तक।

श्रम करते हैं हम कि समृद्ध हो तुम्हारी जागृति का पल, हो चुका है जागरण अब देखो, निकला दिन कितना उज्जवल।

जब उत्पीड़न होता है तो केवल आत्म सम्मान की बात उठती है और कहते हैं कि यह आज खत्म हो जाएगा, क्योंकि मेरा अधिकार न्याय है।

हम गहरी सच्चाई का मकसद चाहते हैं, भाषण में अधिकार से अधिकार साहस और कार्यवाही में ईमानदारी चाहते हैं।

यदि आप मजबूत हैं तो आपको कमज़ोर लड़के या लड़की को खेलने और काम, दोनों में ही मदद करनी होगी।

हमें असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर, मृत्यु से अमरत्व की ओर ले चलो।