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स्वामी विवेकानंद की प्रसिद्ध पुस्तकें

स्वामी विवेकानंद की 160वीं जयंती के अवसर पर जानिए उनकी प्रमुख पुस्तकों के बारे में
chailsy raghuvanshi
स्वामी विवेकानंद द्वारा लिखित पुस्तक "राज योग" 1896 में जुलाई के महीने में प्रकाशित हुई थी।
1. राज योग
स्वामी विवेकानंद की पुस्तक
2. ध्यान और इसकी विधियां
स्वामी विवेकानंद द्वारा लिखित पुस्तक "गीता पर विचार" पढ़ने के लिए एक सर्वश्रेष्ठ पुस्तक है। इस पुस्तक में विवेकानंद के निजी विचार लिखित है।
3. गीता पर विचार
स्वामी विवेकानंद ने 1896 में प्रकाशित अपनी इस किताब में बताया है कि भक्ति योग भगवान के लिए एक वास्तविक खोज है, जो प्रेम में शुरू, जारी और समाप्त होती है।
4. भक्ति योग
कर्म योग (द योग ऑफ एक्शन') स्वामी विवेकानंद द्वारा व्याख्यान की एक पुस्तक है जो कि जोसेफ जोशिया गुडविन द्वारा लिखित है। इस पुस्तक को फरवरी 1896 में न्यूयॉर्क शहर में प्रकाशित किया गया था।
5. कर्मयोग
'ज्ञानयोग' भी जोसेफ जोशिया गुडविन द्वारा लिखित एक पुस्तक है जो कि स्वामी विवेकानंद के व्याख्यानों पर आधारित है जो कि उन्होंने मुख्य रूप से न्यूयॉर्क और लंदन में दिए गए थे।
6. ज्ञानयोग
स्वामी विवेकानंद की पुस्तक 'लेक्चर्स फ्रॉम कोलंबो टू अल्मोड़ा' का प्रकाशन 1897 में किया गया था। बता दें कि यह पुस्तक स्वामी विवेकानंद के पश्चिम से लौटने के बाद श्रीलंका और भारत में दिए गए व्याख्यानों पर आधारित है।
7. लेक्चर्स फ्रॉम कोलंबो टू अल्मोड़ा
माई मास्टर 1901 में प्रकाशित न्यूयॉर्क और इंग्लैंड में स्वामी विवेकानंद द्वारा दिए गए दो व्याख्यानों से संयुक्त अंग्रेजी पुस्तक है।
8. माई मास्टर
'ईश्वर के साथ एक बनो' इस पुस्तक में स्वामी विवेकानंद के 1863 उद्धरण हैं जिन्हें 12 अध्यायों में विभाजित किया गया है।
9. ईश्वर के साथ एक बनो
इस पुस्तक में भारत में महिलाओं की स्थिति के ऊपर स्वामी विवेकानंद द्वारा दिए गए भाषणों का उल्लेख किया गया है।
10. भारतीय नारी
स्वामी विवेकानंद का जीवन