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Bhagat Singh Quote: भगत सिंह के क्रांतिकारी कोट्स

भारत इस साल भारत के क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी की 115वीं जयंती मनाने जा रहा है। ऐसे में उनके क्रांतिकारी विचारों के बारे में न जाना जाए ये मुमकिन नहीं है। आइए उनके कोट्स के माध्यम से उनके विचारों को जाने।
Varsha Kushwaha
क्रान्ति में आवश्यक रूप से उग्रता संघर्ष शामिल नहीं थी। यह बम और पिस्तौल का पंथ नहीं था। वे कभी-कभी इसकी उपलब्धि के लिए मात्र साधन हो सकते हैं। -भगत सिंह
क्रांति करना किसी भी व्यक्ति की शक्ति से परे है। न ही इसे किसी नियत तिथि पर लाया जा सकता है। यह विशेष वातावरण, सामाजिक और आर्थिक द्वारा लाया जाता है। एक संगठित पार्टी का कार्य इन परिस्थितियों द्वारा पेश किए गए ऐसे किसी भी अवसर का उपयोग करना है। -भगत सिंह
हमें यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि क्रांति का अर्थ केवल उथल-पुथल या संघर्षपूर्ण संघर्ष नहीं है। क्रांति अनिवार्य रूप से मौजूदा स्थिति (यानी, शासन) के पूर्ण विनाश के बाद नए और बेहतर अनुकूलित आधार पर समाज के व्यवस्थित पुनर्निर्माण के कार्यक्रम का तात्पर्य है। -भगत सिंह
हमारे देश के जितने भी राजनीतिक आंदोलन अब तक हमारे आधुनिक इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं, उनमें उस आदर्श का अभाव रहा है, जिस लक्ष्य को हासिल करने का उनका लक्ष्य था। क्रांतिकारी आंदोलन कोई अपवाद नहीं है। -भगत सिंह
किसी को भी "क्रांति" शब्द की उसके शाब्दिक अर्थ में व्याख्या नहीं करनी चाहिए। इस शब्द का उपयोग या दुरुपयोग करने वालों के हितों के अनुसार, विभिन्न अर्थों और महत्वों को इस शब्द के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। -भगत सिंह
क्रांति मानव जाति का एक अविभाज्य अधिकार है। स्वतंत्रता सभी का अविनाशी जन्मसिद्ध अधिकार है। श्रम समाज का वास्तविक निर्वाहक है, श्रमिकों के अंतिम भाग्य की संप्रभुता है। -भगत सिंह
क्रांति की भावना हमेशा मानवता की आत्मा में व्याप्त होनी चाहिए। -भगत सिंह
बम और पिस्तौल से क्रांति नहीं होती। विचारों के पत्थर पर क्रांति की तलवार तेज होती है। -भगत सिंह
क्रांति जीवन और मृत्यु, पुराने और नए, प्रकाश और अंधेरे के बीच शाश्वत संघर्ष का संकेत देने वाली जीवन शक्ति थी। -भगत सिंह
रिजल्ट लिख रहा हूं, जो कल से शुरू होगा। मेरे खून का हर कदम क्रांति लाएगा। -भगत सिंह
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