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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान से मिलते हैं ये लाभ

जानिए क्या है प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए)
chailsy raghuvanshi
पीएमएसएमए क्या है?
पीएमएसएमए के तहत, प्राइवेट मेडिकल चिकित्सकों को भी सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में स्वैच्छिक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
पीएमएसएमए की शुरुआत किसने की?
भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) शुरू किया गया है।
पीएमएसएमए का उद्देश्य हर महीने की 9 तारीख को सभी गर्भवती महिलाओं को सार्वभौमिक रूप से सुनिश्चित, व्यापक और गुणवत्तापूर्ण प्रीनेटल देखभाल प्रदान करना है।
भारत के प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने पहली बार मन की बात के 31 जुलाई 2016 के एपिसोड में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की शुरुआत के उद्देश्य पर प्रकाश डाला था।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान
पीएमएसएमए नामित सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में गर्भावस्था के दूसरे / तीसरे तिमाही में महिलाओं को प्रीनेटल देखभाल सेवाओं के न्यूनतम पैकेज की गारंटी देता है।
कुल 2937 स्वयंसेवक गरीब गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ किसान परिवारों सहित गर्भवती महिलाओं को पीएमएसएमए सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
पीएमएसएमए का लक्ष्य
पीएमएसएमए में प्रजनन मातृ नवजात शिशु और किशोर स्वास्थ्य (आरएमएनसीएच+ए) रणनीति के हिस्से के रूप में निदान और परामर्श सेवाओं सहित एएनसीकी गुणवत्ता और कवरेज में सुधार की परिकल्पना की गई है।
हर महीने की 9 तारीख सरकार ऐसे प्राइवेट चिकित्सकों को 'आईपीलेजफॉर9' अचीवर्स अवार्ड से सम्मानित करती है  जो कि पीएमएसएमए के लिए योगदान देते हैं।
हर साल भारत में लगभग 44000 महिलाओं की मृत्यु गर्भावस्था से संबंधित कारणों से होती है और लगभग 6.6 लाख शिशु जीवन के पहले 28 दिनों के भीतर मर जाते हैं।
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