NEET UG 2026 की काउंसलिंग का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) इसी हफ्ते शेड्यूल जारी कर सकती है। 16 जुलाई को री-नीट (Re-NEET) के नतीजे आने के बाद अब सबकी नजरें एडमिशन प्रोसेस पर हैं। देश के मेडिकल कॉलेजों में MBBS और BDS सीटों के आवंटन के लिए यह प्रक्रिया बेहद अहम है। अगर आप भी डॉक्टर बनने का सपना देख रहे हैं, तो नेशनल और स्टेट कोटा के नियमों और टाइमलाइन को अभी से समझ लेना बेहतर होगा।
इस सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन काउंसलिंग के जरिए 15% ऑल इंडिया कोटा (AIQ) और सेंट्रल यूनिवर्सिटी की सीटों पर एडमिशन दिया जाएगा। इसमें AIIMS, JIPMER और डीम्ड यूनिवर्सिटीज भी शामिल हैं। ध्यान रहे कि MCC सिर्फ नेशनल लेवल की सीटों की काउंसलिंग संभालता है, जबकि बाकी 85% सीटों की जिम्मेदारी राज्य सरकारों (State Authorities) की होती है। टॉप मेडिकल कॉलेज में अपनी जगह पक्की करने के लिए इन अलग-अलग नियमों की जानकारी होना बहुत जरूरी है।

NEET UG 2026: जरूरी डॉक्यूमेंट्स और चॉइस फिलिंग की तैयारी
सीट अलॉटमेंट के बाद रिपोर्टिंग सेंटर पर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है। उम्मीदवारों के पास EWS और OBC नॉन-क्रीमी लेयर (OBC-NCL) के लेटेस्ट कैटेगरी सर्टिफिकेट होने चाहिए। अगर आप डोमिसाइल या NRI कोटे के तहत सीट चाहते हैं, तो उससे जुड़े एफिडेविट तैयार रखें। वहीं, दिव्यांग (PwD) उम्मीदवारों को MCC के तय फॉर्मेट में ही अधिकृत केंद्रों से जारी सर्टिफिकेट पेश करना होगा।
जल्द ही रजिस्ट्रेशन, फीस पेमेंट और चॉइस फिलिंग के लिए पोर्टल खोल दिया जाएगा। छात्र अपनी पसंद के कॉलेजों की लिस्ट प्राथमिकता के आधार पर पहले ही तैयार कर लें और डेडलाइन खत्म होने से पहले उसे लॉक कर दें। एक बात का खास ख्याल रखें— 'फ्री एग्जिट' की सुविधा सिर्फ पहले राउंड में मिलती है। अगर आप बाद के राउंड में अलॉट हुई सीट छोड़ते हैं, तो आपको नियमों के मुताबिक जुर्माना (Forfeiture) भरना पड़ सकता है।
| काउंसलिंग का प्रकार | सीटों की हिस्सेदारी | जिम्मेदार अथॉरिटी |
|---|---|---|
| ऑल इंडिया कोटा | 15 प्रतिशत | मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) |
| स्टेट कोटा | 85 प्रतिशत | स्टेट काउंसलिंग अथॉरिटी |
NEET UG 2026: रिजर्वेशन नियम और सीट अलॉटमेंट को समझें
छात्र सीट मैट्रिक्स और स्ट्रे वैकेंसी (Stray Vacancy) के अपडेट के लिए आधिकारिक पोर्टल पर लगातार नजर बनाए रखें। एडमिशन के पीक सीजन में फर्जी एजेंटों से सावधान रहें जो अवैध तरीके से सीट दिलाने का वादा करते हैं। किसी भी कॉलेज को फाइनल करने से पहले वहां के सर्विस बॉन्ड और रिफंड नियमों की अच्छी तरह जांच कर लें। सही रणनीति और सटीक जानकारी ही आपको एक सफल मेडिकल करियर की ओर ले जाएगी।


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