जर्मनी के प्रतिष्ठित 'DAAD हेलमुट-श्मिट प्रोग्राम' (Helmut-Schmidt-Programme) के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, शुक्रवार है। अगर आप पब्लिक पॉलिसी में करियर बनाना चाहते हैं, तो यह पूरी तरह से फंडेड (fully funded) स्कॉलरशिप आपके लिए एक बेहतरीन मौका है। भारतीय ग्रेजुएट्स को बिना देर किए इसके लिए तुरंत अप्लाई कर देना चाहिए। यह प्रोग्राम भविष्य के उन लीडर्स को तैयार करता है जो राजनीति और प्रशासन में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। 2027 सत्र के लिए मिलने वाली इस स्कॉलरशिप में ट्यूशन फीस, यात्रा खर्च और हर महीने मिलने वाला स्टाइपेंड (stipend) शामिल है।
इसके लिए आवेदक के पास कानून (Law), अर्थशास्त्र (Economics) या सोशल साइंस में डिग्री होनी जरूरी है। ध्यान रहे कि आपकी आखिरी डिग्री पिछले 6 सालों के भीतर ही मिली हो। आवेदन को मजबूत बनाने के लिए संबंधित क्षेत्र में प्रोफेशनल वर्क एक्सपीरियंस होना भी जरूरी है। यह प्रोग्राम खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो अपने देश में गवर्नेंस (governance) को बेहतर बनाना चाहते हैं। भारतीय पब्लिक पॉलिसी प्रोफेशनल्स के लिए यह एक शानदार करियर पाथवे है।

DAAD हेलमुट-श्मिट प्रोग्राम: योग्यता और कोर्स का चुनाव
आप अपने आवेदन के लिए अधिकतम दो पार्टनर कोर्स चुन सकते हैं। दोनों प्रोग्राम्स में अपनी रुचि बताने के लिए आपको एक ही 'मोटिवेशन लेटर' (motivation letter) का इस्तेमाल करना होगा। ध्यान रखें कि दो से ज्यादा कोर्स न चुनें, वरना आपका आवेदन रद्द हो सकता है। लेटर में साफ तौर पर बताएं कि ये कोर्स भारत में आपके करियर के लक्ष्यों से कैसे मेल खाते हैं। एक सटीक और फोकस्ड लेटर सिलेक्शन कमेटी पर आपकी गंभीरता को दर्शाता है।
| जरूरी शर्तें | विवरण |
|---|---|
| शैक्षणिक सीमा | डिग्री पिछले 6 साल के भीतर हो |
| वर्क एक्सपीरियंस | पब्लिक पॉलिसी से संबंधित |
| इंग्लिश लेवल | B2 लेवल (IELTS/TOEFL) |
IELTS या TOEFL जैसे इंग्लिश प्रोफिशिएंसी टेस्ट का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। ज्यादातर कोर्सेज के लिए कम से कम B2 लेवल की भाषा समझ जरूरी है। आवेदन सीधे पार्टनर यूनिवर्सिटी के पोर्टल के जरिए ही किए जाने चाहिए। 31 जुलाई की आखिरी घड़ी का इंतजार न करें, क्योंकि जर्मनी और भारत के टाइम जोन (IST) में अंतर हो सकता है, जिससे तकनीकी दिक्कत आ सकती है।
DAAD हेलमुट-श्मिट आवेदकों के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स
डॉक्यूमेंट अपलोड करने से पहले अपनी डिग्री और ट्रांसक्रिप्ट्स (transcripts) तैयार रखें। इसके अलावा, एक 'Europass CV' और प्रोफेशनल रेफरेंस की भी जरूरत होगी। कुछ यूनिवर्सिटीज आपसे 'एकेडमिक इवैल्यूएशन सेंटर' (APS) सर्टिफिकेट भी मांग सकती हैं। सुनिश्चित करें कि सभी फाइलें साफ हों और उनके नाम सही तरीके से लिखे गए हों। साथ ही, जर्मनी यात्रा के लिए अपने पासपोर्ट की वैलिडिटी भी चेक कर लें।
चुने गए उम्मीदवारों का सफर अक्टूबर 2027 से शुरू होगा। इस प्रोग्राम में अक्सर शुरुआत में जर्मन भाषा का कोर्स भी शामिल होता है, ताकि इंटरनेशनल स्टूडेंट्स वहां के माहौल में आसानी से ढल सकें। कल तक अपना आवेदन पूरा कर लें, क्योंकि यह स्कॉलरशिप आपकी जिंदगी बदल सकती है। भारतीय ग्रेजुएट्स के लिए जर्मनी में पढ़ाई करने का यह एक आखिरी और शानदार मौका है।


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