Teachers Day 2020 Special: भारत के सबसे अलग शिक्षकों की कहानी, विश्व में बच्चों ने किया नाम रोशन

By Careerindia Hindi Desk

Teachers Day 2020 Special Story: डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को भारत में शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है। लोग शिक्षक दिवस पर अपने शिक्षकों को मैसेज कार्ड भेजकर शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं। लेकिन हम आपको शिक्षक दिवस पर एक अलग तरह की स्टोरी के बारे में बता रहे हैं। शिक्षक का नाम लेते ही हमारे मन में एक ऐसे व्यक्ति की छवि उभरती है,जो क्लासरुम में चश्मा लगाए, एक हाथ में चौक लिए ब्लैकबोर्ड के सामने खड़ा है. लेकिन हम जिन शिक्षकों के बारे में आपको बता रहे हैं वे जरा अलग हैं। आइये जानते हैं भारत के 10 ऐसे शिक्षकों के बारे में जो हैं सबसे अलग...

Teachers Day 2020 Special: भारत के सबसे अलग शिक्षकों की कहानी, विश्व में बच्चों ने किया नाम रोशन

 

1: सुगत मित्रा आज के दौर के बेहतरीन शिक्षक हैं, इन्हें टेक्नोलॉजी, एंटरटेनमेंट और डिजाइन की अद्भुत जानकारी है। इसके लिए उन्हें साल 2013 में टीइडी भी दिया गया। सुगत 'स्कूल इन द क्लाउड' नामक योजना चलाते हैं, जिसका उद्देश्य एक बच्चा दूसरे बच्चे को पढाए। वह फ्री में बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा देते हैं।

2: गगन दीप सिंह राजस्थान के जैसलमेर में रहते हैं, गगन दृष्टिहीन बच्चों को मुफ्त में शिक्षा प्रदान करते हैं। इसके साथ ही वह दृष्टिहीन बच्चों के परिवार को फ्री कंसल्टिंग देते हैं, ताकि वह अपने जीवन में ज्ञान की ज्योति जलाए रहें। गगन बच्चों को ब्रेलर्स का इस्तेमाल करना भी सिखाते हैं। वह बच्चों के लिए अलग-अलग प्लान बनाते हैं।

3: बाबर अली पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के एक छोटे से गांव में रहते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी की बाबर अली ने महज 9 वर्ष की आयु में बच्चों को पढ़ना शुरू किया। बाबर अली 300 से अधिक गरीब बच्चों को मुफ्त में शिक्षा का ज्ञान दे रहे हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए उन्होंने 6 शिक्षकों को भी नौकरी दी है।

 

4: आदित्य कुमार को 'साइकिल गुरूजी' के नाम से जाना जाता है। इसके पीछे एक रोचक कहानी है, दरअसल आदित्य उन जगहों पर बच्चों को पढ़ाते हैं, जहां स्कूल की सुविधा नहीं है। वह लखनऊ की झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले गरीब बच्चों को फ्री में पढ़ाते हैं। वह सन 1995 से अब तक साइकिल पर जाकर बच्चों को पढ़ाते हैं।

5: अरविंद गुप्ता बेशक खुद साइंटिस्ट नहीं बन पाए, लेकिन बच्चों को विज्ञान की शिक्षा प्रदान करते हैं। अरविन्द बच्चों को खेल-खिलोन के माध्यम से साइंस सिखाते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि वह बाजार से खिलोने नहीं लाते, बलिक कबाड़ से विज्ञान उपकरण बनाते और बच्चों से बनवाते हैं।

6: राजेश कुमार शर्मा दिल्ली के स्लम में रहने वाले गरीब बच्चों को मेट्रो ब्रिज के नीचे पढ़ाते हैं। उनके इस स्कूल में अलग-अलग शिफ्ट में 200 से ज्यादा बच्चे बढ़ते हैं, वह उनसे इसके लिए कोई शुल्क नहीं लेते। राजेश साल 2005 से लगातार गरीब बच्चों को मुफ्त में शिक्षा दे रहे हैं, जबकि वह खुद शिक्षक नहीं है।

7: आरके श्रीवास्तव बिहार के रोहतास जिले में रहते हैं, जिन्हें मैथेमैटिक्स गुरू के नाम से जाना जाता है। वह बच्चों को गणित ऐसे सिखाते हैं, जैसे मानों ABCD हो। वह गुरु दक्षिणा में बच्चों से केवल 1 रुपए लेते हैं, उनेक सानिध्य में पढ़े छात्र आईआईटी, एनआईटी जैसे बड़े-बड़े संस्थानों में पढ़ रहे हैं।

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English summary
Teachers Day 2020 Special Story: Teacher's Day is celebrated on 5 September in India, the birth anniversary of Dr. Sarvepalli Radhakrishnan. People send a message card to their teachers on Teachers Day and extend their best wishes for Teachers Day. But we are telling you about a different kind of story on Teachers' Day. As soon as we take the name of the teacher, an image of a person emerges in our mind, wearing glasses in the classroom, standing in front of the blackboard with a square in one hand. But the teachers we are telling you about are a bit different. Let us know about 10 such teachers of India who are different ...
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