कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की CGL 2026 टियर-1 परीक्षा 8 अक्टूबर को भी देश भर के विभिन्न सेंटर्स पर अलग-अलग शिफ्टों में आयोजित हुई। परीक्षा में अभ्यर्थियों की भारी मौजूदगी देखने को मिली। शुरुआती फीडबैक के मुताबिक, आज का पेपर कुल मिलाकर 'मॉडरेट' (मध्यम) स्तर का रहा। मैथ्स (Quant) के सेक्शन में कैलकुलेशन काफी ज्यादा रही, जबकि रीजनिंग में स्टेटमेंट (कथन-निष्कर्ष) वाले सवालों का दबदबा दिखा। जनरल अवेयरनेस में करेंट अफेयर्स और इंग्लिश में ग्रामर से जुड़े प्रश्न ज्यादा पूछे गए। जिन उम्मीदवारों की परीक्षा कल है, वे अपने एडमिट कार्ड पर शिफ्ट की टाइमिंग दोबारा जांच लें। इसके अलावा, नॉर्मलाइजेशन के ट्रेंड और आज के मेमोरी-बेस्ड फीडबैक के आधार पर नीचे बताए गए 'सेफ अटेंप्ट' को समझकर अपनी तैयारी मजबूत करें।
इस बार अलग-अलग रीजन में शिफ्ट टाइमिंग में थोड़ा बदलाव देखा गया है, इसलिए सबसे पहले अपने एडमिट कार्ड पर दिए गए समय को ही सही मानें। मीडिया advisories के मुताबिक, हर दिन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) की तीन शिफ्ट आयोजित की जा रही हैं, जिनके रिपोर्टिंग और गेट बंद होने का समय अलग-अलग है। सेंटर पर प्रिंटेड एडमिट कार्ड, ओरिजिनल फोटो ID और स्पेयर फोटोग्राफ साथ ले जाना न भूलें। मोबाइल, स्मार्टवॉच या ब्लूटूथ जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह से बैन हैं। सेंटर्स पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जा रहा है, इसलिए आधार या फिंगरप्रिंट से जुड़ी किसी भी समस्या से बचने के लिए समय से पहले पहुंचें।

शिफ्ट-वाइज डिफिकल्टी लेवल, मेमोरी-बेस्ड सवाल और संभावित कटऑफ
आज के पेपर का पैटर्न काफी हद तक इस हफ्ते के शुरुआती दिनों जैसा ही रहा। जनरल अवेयरनेस (GA) में HDI, AQI, BRICS, 1991 के आर्थिक सुधार, सरकारी योजनाओं और हालिया नियुक्तियों से जुड़े सवाल पूछे गए। मैथ्स (Quant) में अर्थमैटिक का बोलबाला रहा और अलजेब्रा के सिंपलीफिकेशन वाले सवालों ने काफी समय लिया, वहीं डेटा इंटरप्रिटेशन (DI) का सेक्शन आसान रहा। रीजनिंग में एसरशन/स्टेटमेंट (कथन-कारण) और सिलोगिज्म (Syllogism) का मिक्स्ड पैटर्न दिखा। इंग्लिश में नैरेशन और वॉइस से जुड़े सवाल दोहराए गए। ओवरऑल पेपर का स्तर मॉडरेट रहा, हालांकि पहली शिफ्ट के मुकाबले तीसरी शिफ्ट थोड़ी कठिन दर्ज की गई।
| सेक्शन | डिफिकल्टी लेवल | गुड अटेंप्ट्स (रेंज) |
|---|---|---|
| जनरल अवेयरनेस | मॉडरेट | 15–17 |
| इंग्लिश कॉम्प्रिहेंशन | इजी–मॉडरेट | 18–20 |
| क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड | मॉडरेट, कैलकुलेटिव | 17–19 |
| रीजनिंग | इजी–मॉडरेट | 22–24 |
नॉर्मलाइजेशन का गणित और कैटेगरी-वाइज सेफ अटेंप्ट्स
चूंकि यह परीक्षा महीने भर कई शिफ्टों में आयोजित हो रही है, इसलिए SSC मार्क्स तय करने के लिए नॉर्मलाइजेशन (Normalization) की प्रक्रिया अपनाएगा। इसमें कठिन शिफ्ट में शामिल उम्मीदवारों को अंकों की राहत मिलती है। पिछले साल टियर-1 में अनरिजर्व्ड (UR) कैटेगरी की कटऑफ 150 नंबर के आसपास रही थी, जबकि इस बार एक्सपर्ट्स UR के लिए 145–155 का दायरा मान रहे हैं। लगभग 85 फीसदी एक्यूरेसी (सटीकता) के आधार पर देखें तो अनुमानित safe attempts इस प्रकार हैं: UR 80–90, OBC/EWS 76–86, SC 68–78, और ST 62–72। इन्हें एक बेंचमार्क की तरह देखें, अंतिम फैसला न मानें।
9 अक्टूबर को परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थी अपनी चेकलिस्ट तैयार कर लें: लैब का पता, रिपोर्टिंग और गेट बंद होने का समय दोबारा चेक करें; एडमिट कार्ड, आधार या अप्रूव्ड ID और फोटो साथ रखें; सभी इलेक्ट्रॉनिक्स घर पर ही छोड़ दें। लैब में रफ शीट दी जाएगी और एंट्री पर बायोमेट्रिक चेक होगा। अगर आपका आधार बायोमेट्रिक लॉक है, तो उसे समय रहते अनलॉक कर लें ताकि कोई रुकावट न आए। वेरिफिकेशन से जुड़ी किसी भी देरी से बचने के लिए सेंटर पर थोड़ा जल्दी पहुंचें।
SSC CGL की यह परीक्षा 30 अक्टूबर तक चलेगी, इसलिए आगे आने वाले दिनों में ट्रेंड्स बदल सकते हैं। अपने स्लॉट से पहले हर दिन के मेमोरी-बेस्ड पेपर्स और सेक्शन-वाइज वेटेज पर नजर रखें। रिवीजन के समय अर्थमैटिक की स्पीड, इंग्लिश में वॉइस और नैरेशन के रूल्स, हाई-यिल्ड स्टैटिक GK और करेंट अफेयर्स के साथ रीजनिंग की तगड़ी प्रैक्टिस पर ध्यान दें। ज्यादा अटेंप्ट के चक्कर में न पड़ें, केवल अपनी एक्यूरेसी पर फोकस रखें—बाकी संतुलन नॉर्मलाइजेशन खुद बना देगा।


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