NEET UG 2026 के सेकेंड राउंड का फाइनल अलॉटमेंट रिजल्ट आज यानी शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को जारी होने की उम्मीद है। ऑल इंडिया कोटा (AIQ) और डीम्ड यूनिवर्सिटीज की सीटों के लिए लाखों छात्र इस लिस्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उम्मीदवार अपने एप्लिकेशन नंबर और पासवर्ड की मदद से ऑफिशियल काउंसलिंग पोर्टल पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। रिजल्ट आने के बाद अपना अलॉटमेंट लेटर तुरंत डाउनलोड कर लें, क्योंकि कॉलेज में रिपोर्टिंग की तारीखें और फीस से जुड़ी सारी गाइडलाइंस इसी पर दी गई होंगी। ध्यान रखें कि दी गई डेडलाइन मिस होने पर आपकी सीट रद्द हो सकती है और पेनल्टी भी लग सकती है।
अगर लिस्ट अपडेट होने में थोड़ी देरी हो, तो परेशान न हों और समय-समय पर डैशबोर्ड को रिफ्रेश करते रहें। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) सभी डॉक्युमेंट्स और वेरिफिकेशन चेक पूरे करने के बाद ही फाइनल लिस्ट अपलोड करती है। जैसे ही अलॉटमेंट लेटर दिखे, उसमें अलॉट हुए कॉलेज, कोर्स, कैटेगरी और फीस टाइप की अच्छी तरह जांच कर लें। इसके बाद पीडीएफ सेव करें और कुछ प्रिंटआउट निकालकर रख लें। लेटर पर लिखी रिपोर्टिंग डेट का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। इसलिए सफर की तैयारी, डिमांड ड्राफ्ट और जरूरी एफिडेविट बनवाने का काम आज ही शुरू कर दें।

NEET UG 2026 Round 2 reporting dates and documents
अलॉट हुए कॉलेज में वेरिफिकेशन के लिए अपने सभी ओरिजिनल डॉक्युमेंट्स और उनकी दो-दो फोटोकॉपी जरूर साथ ले जाएं। जरूरी कागजातों में नीट एडमिट कार्ड, NTA स्कोरकार्ड, अलॉटमेंट लेटर, 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, आईडी प्रूफ और फीस रिसीप्ट शामिल हैं। इसके अलावा, अगर मांगा जाए तो ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC), माइग्रेशन और मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट भी पेश करना होगा। रिजर्वेशन का फायदा लेने के लिए कैटेगरी सर्टिफिकेट का नया और वैलिड होना जरूरी है। खास तौर पर ओबीसी-एनसीएल (OBC-NCL) और ईडब्ल्यूएस (EWS) सर्टिफिकेट चालू वित्तीय वर्ष का ही होना चाहिए।
NEET UG 2026 Round 2 upgrade, resignation and grievances
रिपोर्टिंग से पहले अपनी सीट को 'फ्रीज' करने या 'अपग्रेड' में डालने के नियमों को ध्यान से पढ़ लें। राउंड 2 में ऑल इंडिया कोटा सीट पर एडमिशन लेने के बाद आप उसे छोड़ या इस्तीफा (Resign) नहीं दे सकते। काउंसलिंग ब्रोशर के मुताबिक अपग्रेड के नियम अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में फिजिकल रिपोर्टिंग से पहले ही अपग्रेडेशन का विकल्प चुनना होता है। याद रखें कि राउंड 2 में 'फ्री एग्जिट' का कोई ऑप्शन नहीं मिलता। अगर कोई कंफ्यूजन हो, तो कॉलेज जॉइन करने से पहले हेल्पलाइन पर जरूर बात कर लें, क्योंकि सीट लॉक होने के बाद आप स्टेट काउंसलिंग में हिस्सा लेने से भी वंचित हो सकते हैं।
अलॉटमेंट लेटर पर छपी अपनी कैटेगरी की तुलना अपने डॉक्युमेंट्स से जरूर कर लें। अगर डॉक्युमेंट मिसमैच होता है या सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका है, तो आपकी सीट अनरिजर्व्ड (जनरल) में बदल दी जाएगी और फीस का स्ट्रक्चर भी बदल जाएगा। पीडब्ल्यूडी (PwD) उम्मीदवारों का वेरिफिकेशन तय केंद्रों पर ही होता है, इसलिए ओरिजिनल सर्टिफिकेट और मेडिकल रिकॉर्ड साथ रखें। अगर कॉलेज कैटेगरी का लाभ देने से मना करता है, तो उनसे लिखित में कारण मांगें और सबूत के साथ तुरंत पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
अगर अलॉटमेंट लेटर में कॉलेज, कोर्स, कोटा या फीस से जुड़ी कोई गलती नजर आए, तो तुरंत पोर्टल पर शिकायत (Grievance) दर्ज करें। शिकायत के साथ स्क्रीनशॉट लगाएं और टिकट नंबर को संभालकर रखें। गलत या मिसमैच डिटेल्स वाले लेटर के साथ रिपोर्टिंग के लिए न जाएं। ऑल इंडिया कोटा की सीटों के लिए सिर्फ अलॉटेड कॉलेज में ही रिपोर्ट करें, जबकि स्टेट काउंसलिंग वाले छात्र अपने संबंधित पोर्टल के शेड्यूल को फॉलो करें। डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन के समय ट्रांजेक्शन रेफरेंस, मैसेज और पीडीएफ फाइलों को हमेशा अपने पास संभालकर रखें।


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