मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) आज नीट यूजी (NEET UG) 2026 काउंसलिंग के लिए सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी कर रही है। नीट यूजी पास करने वाले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर जाकर अपना प्रोविजनल और फाइनल अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। जिन छात्रों को सीटें अलॉट हुई हैं, उन्हें तय समय सीमा के भीतर संबंधित कॉलेज में रिपोर्टिंग करनी होगी और फीस का भुगतान करना होगा।
जिन उम्मीदवारों को सीट मिली है, वे अपनी सिक्योरिटी मनी गंवाए बिना 'फ्री-एग्जिट' का विकल्प चुन सकते हैं। राउंड-2 में सीट अपग्रेड का विकल्प चुनने वाले अभ्यर्थियों को फिलहाल कॉलेज में जाकर फिजिकल रिपोर्टिंग करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, जो छात्र अपनी अलॉटेड सीट से संतुष्ट हैं और उसे 'फ्रीज' कर रहे हैं, उन्हें अपने सभी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स के साथ कॉलेज पहुंचकर रिपोर्टिंग करनी होगी। वहीं, जिन अभ्यर्थियों को पहले राउंड में कोई सीट नहीं मिली है, वे बिना कोई नया रजिस्ट्रेशन शुल्क दिए सीधे दूसरे राउंड में शामिल हो जाएंगे।

NEET UG 2026 राउंड-1 सीट अलॉटमेंट रिपोर्टिंग का शेड्यूल
| इवेंट विवरण | महत्वपूर्ण तारीखें |
|---|---|
| रिजल्ट घोषित होने की तारीख | 21 अगस्त, 2026 |
| संस्थान में रिपोर्टिंग की समय सीमा | 22 से 31 अगस्त, 2026 |
| राउंड-2 रजिस्ट्रेशन की शुरुआत | सितंबर 2026 |
एडमिशन लेने वाले छात्रों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय संबंधित कॉलेज में अपने सभी जरूरी ओरिजिनल दस्तावेज पेश करने होंगे। इनमें अलॉटमेंट लेटर, एडमिट कार्ड, स्कोरकार्ड और मार्कशीट शामिल हैं। इसके अलावा उम्मीदवारों को 10वीं और 12वीं का पासिंग सर्टिफिकेट भी साथ लाना होगा। आरक्षित वर्ग के आवेदकों के पास सक्षम सरकारी प्राधिकारी द्वारा जारी वैध प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। वहीं, एनआरआई (NRI) उम्मीदवारों को एम्बेसी सर्टिफिकेट के साथ नोटरीकृत स्पॉन्सरशिप एफिडेविट जमा करना होगा।
NEET UG 2026 राउंड-1 सीट अलॉटमेंट के नियम और ऑप्शन
MCC सबसे पहले एक प्रोविजनल अलॉटमेंट लिस्ट जारी करता है ताकि उम्मीदवार अपनी शिकायतें या आपत्तियां ऑनलाइन दर्ज करा सकें। इन आपत्तियों की समीक्षा के बाद फाइनल सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी की जाती है। अपग्रेडेशन के जरिए खाली हुई सीटें काउंसलिंग के अगले राउंड के लिए वर्चुअल वैकेंसी में बदल दी जाती हैं। उम्मीदवारों को अपने अलॉटेड मेडिकल संस्थान जाने से पहले आधिकारिक अलॉटमेंट लेटर जरूर डाउनलोड कर लेना चाहिए। एडमिशन की प्रक्रिया में यह अलॉटमेंट लेटर एक अनिवार्य दस्तावेज के रूप में काम करता है।
अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड करने के तुरंत बाद मेडिकल अभ्यर्थियों को उसमें दर्ज अपनी सभी पर्सनल डिटेल्स की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए। समय पर कॉलेज फीस जमा करने से अलॉट हुई सीट सुरक्षित हो जाती है। जो छात्र दूसरे राउंड में बेहतर कॉलेज का विकल्प चुनना चाहते हैं, उन्हें च्वाइस-फिलिंग की तारीखों पर नजर रखनी चाहिए। आधिकारिक वेबसाइट के नोटिफिकेशन देखते रहने से छात्र एडमिशन से जुड़ी किसी भी जरूरी प्रक्रिया को भूलने से बच सकते हैं।


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