मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) के पहले दौर की इंस्टीट्यूट रिपोर्टिंग प्रक्रिया आज से शुरू कर दी है। जिन उम्मीदवारों को सीटें आवंटित हुई हैं, उन्हें 31 अगस्त 2026 तक अपने डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और एडमिशन फीस का भुगतान पूरा करना होगा। संबंधित संस्थानों में जाने से पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक पोर्टल से अपना प्रोविजनल अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड करना अनिवार्य है। समय रहते दस्तावेजों की जांच कराने से फिजिकल सीट कंफर्मेशन के दौरान आखिरी मौके पर रिजेक्शन से बचा जा सकता है।
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आज ही संशोधित प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट लिस्ट में दिए गए अपने विवरण को ध्यान से जांच लें। पोर्टल पर छात्रों को अपनी सीट के लिए 'फ्रीज' (Freeze) और 'फ्लोट' (Float) में से किसी एक विकल्प को चुनने की सुविधा दी गई है। फ्रीज ऑप्शन चुनने का मतलब है कि आप आवंटित कॉलेज से संतुष्ट हैं और आगे की काउंसलिंग में हिस्सा नहीं लेना चाहते। वहीं, फ्लोट ऑप्शन चुनने पर आपकी मौजूदा सीट सुरक्षित रहती है और आप राउंड 2 में कॉलेज अपग्रेड का विकल्प चुन सकते हैं। फ्लोट विकल्प चुनने वाले छात्र बिना कॉलेज जाए भी ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए सीट अपग्रेडेशन की सहमति दर्ज करा सकते हैं।

NEET UG 2026 अलॉटमेंट: डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन से जुड़े जरूरी नियम
| विकल्प (Option Type) | रिपोर्टिंग का नियम (Physical Reporting Rule) | अपग्रेडेशन स्टेटस (Upgradation Status) |
|---|---|---|
| फ्रीज सीट (Freeze Seat) | संस्थान जाना अनिवार्य | आगे के राउंड से बाहर |
| फ्लोट सीट (Float Seat) | ऑनलाइन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन | राउंड 2 के लिए पात्र |
मेडिकल कॉलेजों में रिपोर्टिंग के दौरान उम्मीदवारों को मूल प्रमाणपत्रों (Original Certificates) के साथ उनकी सेल्फ-अटेस्टेड फोटोकॉपी ले जानी होगी। जरूरी दस्तावेजों में एडमिट कार्ड, रैंक कार्ड, शैक्षणिक अंकपत्र (मार्क्सशीट) और पहचान पत्र शामिल हैं। इसके अलावा, आरक्षित वर्ग और एनआरआई (NRI) उम्मीदवारों को सत्यापित स्पॉन्सरशिप हलफनामा जमा करना अनिवार्य होगा। संबंधित कॉलेज उम्मीदवारों से मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और सर्विस बॉन्ड से जुड़े दस्तावेज भी लेंगे। अगर पोर्टल पर दी गई जानकारी में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो आवंटित प्रोविजनल सीट तुरंत रद्द कर दी जाएगी।
NEET UG 2026: सीट छोड़ने और फीस से जुड़े नियम
जो छात्र अपनी अलॉटेड सीट छोड़ना चाहते हैं, वे तय समय सीमा के भीतर ऑनलाइन रेजिग्नेशन विंडो का इस्तेमाल कर सकते हैं। 'फ्री एग्जिट' नियम के तहत छात्र बिना अपनी सिक्योरिटी मनी गंवाए काउंसलिंग से बाहर हो सकते हैं। हालांकि, सीट छोड़ने वाले उम्मीदवारों को पोर्टल से ऑनलाइन रेजिग्नेशन स्लिप जरूर जनरेट करनी होगी। दिए गए शेड्यूल के मुताबिक रिपोर्ट न करने पर राउंड 1 की सीट अपने आप रद्द मान ली जाएगी।
उम्मीदवार अपने आवंटित मेडिकल कॉलेजों द्वारा निर्धारित फीस भुगतान के तरीकों की अच्छे से जांच कर लें। अंतिम तारीख पर सर्वर की समस्या और बैंकों में भीड़ से बचने के लिए सभी औपचारिकताएं समय से पहले पूरी कर लें। देश के प्रमुख मेडिकल और डेंटल संस्थानों में बिना किसी बाधा के दाखिला पाने के लिए सही डॉक्यूमेंटेशन बेहद जरूरी है। काउंसलिंग प्रक्रिया से जुड़े पल-पल के अपडेट के लिए छात्र लगातार आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें।


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