कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) ने आधिकारिक तौर पर ऑप्शन एंट्री की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कंबाइंड विंडो कर्नाटक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (KCET) राउंड-2 और अंडर ग्रेजुएट नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (UGNEET) राउंड-1 दोनों के लिए खोली गई है। उम्मीदवार अब अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स (प्रेफरेंस) सबमिट कर सकते हैं।
इसके लिए पोर्टल 7 अगस्त को शाम 7 बजे से खुल चुका है और यह 13 अगस्त को सुबह 9 बजे तक एक्टिव रहेगा। योग्य उम्मीदवार अपनी पसंद के विकल्पों को जोड़ (add), बदल (modify) या उनके क्रम में बदलाव (reorder) कर सकते हैं। इसमें इंजीनियरिंग, फार्मेसी और UGNEET के तहत आने वाले मेडिकल कोर्स शामिल हैं। उम्मीदवारों को अपने विकल्प केवल KEA के ऑफिशियल पोर्टल के जरिए ही सबमिट करने होंगे।

KCET Option Entry से जुड़ी जरूरी तारीखें
किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए इन डेडलाइन्स को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है। सीट सरेंडर करने की विंडो 13 अगस्त को सुबह 11 बजे बंद हो जाएगी। इसके बाद, KEA 19 अगस्त को सुबह 10 बजे के बाद प्रोविजनल अलॉटमेंट के नतीजे घोषित करेगा। माता-पिता और उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे इन तारीखों पर पैनी नजर रखें ताकि मनपसंद सीट पाने का मौका हाथ से न निकले।
| इवेंट | तारीख और समय |
|---|---|
| ऑप्शन एंट्री बंद होने की तारीख | 13 अगस्त (सुबह 9 बजे) |
| सीट सरेंडर करने की आखिरी तारीख | 13 अगस्त (सुबह 11 बजे) |
| प्रोविजनल अलॉटमेंट | 19 अगस्त (सुबह 10 बजे के बाद) |
KCET Option Entry के लिए एलिजिबिलिटी नियम
अथॉरिटी ने इस बार एक खास 'री-एंट्री' सुविधा भी शुरू की है। इसके लिए उम्मीदवारों को ₹750 का वन-टाइम पेमेंट करना होगा। यह सुविधा उन छात्रों के लिए बेहद मददगार साबित होगी, जिन्होंने Choice-1 या Choice-4 भरने में कोई गलती कर दी थी। इसके जरिए वे काउंसलिंग में दोबारा हिस्सा ले सकेंगे, जिससे उनकी मेहनत से हासिल किए गए विकल्प बेकार नहीं जाएंगे।
KCET Option Entry के लिए जरूरी चेकलिस्ट
अपनी पसंद के विकल्पों को लॉक करने से पहले उम्मीदवारों को अपने जरूरी दस्तावेजों की जांच जरूर कर लेनी चाहिए। इसके लिए सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट अपडेटेड KEA वेरिफिकेशन स्लिप है, जिसे आपको पहले ऑनलाइन डाउनलोड करना होगा। चॉइस लॉक करने से पहले इस स्लिप में दी गई हर जानकारी को अच्छे से वेरिफाई कर लें। इसके साथ ही, एडमिशन फीस का भी इंतजाम पहले से रखें ताकि कॉलेज अलॉट होने के बाद रिपोर्टिंग की प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके।
मेडिकल या इंजीनियरिंग की सीट हासिल करने के लिए हर कदम फूंक-फूंक कर रखना जरूरी है। यह कंबाइंड विंडो राज्य के हजारों छात्रों के लिए एक बेहतरीन मौका है। इसलिए, अपनी चॉइस लिस्ट को एक बार फिर ध्यान से देख लें और 13 अगस्त की सुबह डेडलाइन खत्म होने से पहले अपने विकल्प जरूर लॉक कर दें। अभी की गई थोड़ी सी सावधानी आपको बाद में होने वाली बड़ी गलतियों से बचा सकती है।


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