इंस्टिट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सोनेल सिलेक्शन (IBPS) ने 23 अगस्त 2026 को प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) प्रीलिम्स परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। देशभर में 7,300 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए हजारों बैंकिंग अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया। एग्जाम खत्म होने के बाद अब उम्मीदवार शिफ्ट-वाइज पेपर का डिफिकल्टी लेवल, सेफ अटेंप्ट और संभावित कट-ऑफ का आकलन कर रहे हैं। प्रीलिम्स पास करने वाले उम्मीदवार 4 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाली मुख्य परीक्षा (Mains) में शामिल होंगे।
विभिन्न शिफ्टों के फीडबैक के अनुसार, ओवरऑल पेपर 'इजी टू मॉडरेट' (आसान से मध्यम) रहा। रीजनिंग एबिलिटी और इंग्लिश लैंग्वेज सेक्शन ज्यादातर उम्मीदवारों के लिए काफी आसान और स्कोरिंग साबित हुए। हालांकि, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड में लंबे वर्ड प्रॉब्लम्स और मुश्किल कैलकुलेशन वाले डेटा इंटरप्रिटेशन सेट ने उम्मीदवारों को थोड़ा उलझाया। अलग-अलग शिफ्ट में पेपर के अलग-अलग स्तर को देखते हुए नॉर्मलाइजेशन के जरिए मार्क्स का संतुलन बनाया जाएगा। अगर आपने अच्छी एक्यूरेसी के साथ 63 से 71 सवालों के सही जवाब दिए हैं, तो इसे एक सुरक्षित अटेंप्ट माना जा सकता है।

IBPS PO 2026 प्रीलिम्स: कितना जा सकता है कट-ऑफ और कब आएगा रिजल्ट?
एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि जनरल कैटेगरी के लिए संभावित कट-ऑफ 50 से 55 अंक के बीच रह सकती है। कट-ऑफ का सही आंकड़ा कुल वैकेंसी, परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों की संख्या और नॉर्मलाइजेशन पर निर्भर करेगा। एग्जाम अथॉरिटी आमतौर पर दो से तीन सप्ताह के भीतर प्रीलिम्स के नतीजे घोषित कर देती है। अभ्यर्थी आधिकारिक IBPS पोर्टल पर अपना स्कोरकार्ड और क्वालीफाइंग स्टेटस देख सकेंगे।
| कैटेगरी | संभावित कट-ऑफ रेंज |
|---|---|
| जनरल (UR) | 50.00 - 55.00 |
| ओबीसी / ईडब्ल्यूएस (OBC / EWS) | 48.00 - 53.00 |
| एससी / एसटी (SC / ST) | 40.00 - 46.00 |
IBPS PO 2026 प्रीलिम्स परीक्षा के बाद अब आगे क्या करें?
मुख्य परीक्षा (Mains) 4 अक्टूबर को प्रस्तावित है, ऐसे में अभ्यर्थियों के पास तैयारी के लिए काफी सीमित समय बचा है। मेंस के पेपर में डेटा एनालिसिस, रीजनिंग, इकोनॉमी अवेयरनेस और इंग्लिश राइटिंग स्किल्स का टेस्ट लिया जाता है। इसके लिए अभ्यर्थियों को पिछले कुछ महीनों के बैंकिंग डेवलपमेंट और फाइनेंशियल न्यूज पर खास फोकस करना होगा। सेक्शनल टाइम लिमिट को ध्यान में रखते हुए समय रहते सभी सवालों को हल करने की बेहतर रणनीति बनाना बेहद जरूरी है।
जिन उम्मीदवारों को अपने सेफ अटेंप्ट पर भरोसा है, उन्हें बिना किसी देरी के डिस्क्रिप्टिव टेस्ट की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। कंप्यूटर कीबोर्ड पर निबंध (Essay) और फॉर्मल लेटर टाइप करने का नियमित अभ्यास करें। इसके अलावा, कठिन रीजनिंग पहेलियों (Puzzles) को रोजाना हल करने से कठिन सवालों में भी आपकी स्पीड बनी रहेगी। नियमित मॉक टेस्ट देने से कमजोर सेक्शन की पहचान होगी और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
बैंकिंग चयन प्रक्रिया में सफलता काफी हद तक प्रीलिम्स के बाद की निरंतर तैयारी पर निर्भर करती है। अभ्यर्थियों को आधिकारिक स्कोरकार्ड का इंतजार किए बिना पढ़ाई की रफ्तार बनाए रखनी चाहिए। सटीक रिवीजन और टाइम-बेस्ड प्रैक्टिस टेस्ट के जरिए मेंस की चुनौतियों से निपटा जा सकता है। बचे हुए हफ्तों में की गई अनुशासित मेहनत ही अंतिम रूप से चयन की संभावनाओं को बढ़ाएगी।


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