IBPS क्लर्क 2026 प्रीलिम्स के दूसरे दिन का एग्जाम आज, 11 अक्टूबर को देशभर में चार शिफ्टों में शुरू हो चुका है। पहली शिफ्ट सुबह 9 से 10 बजे तक आयोजित की गई, वहीं चौथी और आखिरी शिफ्ट शाम 5:30 बजे खत्म होगी। हम आपके लिए हर शिफ्ट के डिफिकल्टी लेवल, गुड अटेम्प्ट्स, मेमोरी-बेस्ड सवाल और संभावित कट-ऑफ से जुड़े रियल-टाइम अपडेट्स ला रहे हैं। 29 सितंबर को जारी शुद्धिपत्र (corrigendum) के बाद कुल वैकेंसी बढ़कर 11,663 हो गई हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा की स्थिति थोड़ी बदल गई है।
10 अक्टूबर यानी पहले दिन का पेपर 'आसान से मध्यम' (Easy to Moderate) रहा, जिसमें अभ्यर्थियों ने काफी अच्छे अटेम्प्ट्स दर्ज किए। ओलिवबोर्ड (Oliveboard) के आंकड़ों के मुताबिक Shift 1 से 3 तक के गुड अटेम्प्ट्स क्रमशः 88–90, 85–88 और 89–90 रहे। कैंडिडेट्स के फीडबैक के अनुसार, शिफ्ट 2 में चार पजल और दो डीआई (Data Interpretation) सेट आए थे, जबकि इंग्लिश सेक्शन काफी आसान रहा। यह पैटर्न आज परीक्षा देने जा रहे उम्मीदवारों के लिए सेफ अटेम्प्ट्स और टाइम मैनेजमेंट का एक बढ़िया आधार सेट करता है।

IBPS क्लर्क 2026 प्रीलिम्स डे 2: शिफ्ट-वाइज डिफिकल्टी और गुड अटेम्प्ट्स
पहली शिफ्ट सुबह 10 बजे समाप्त हो गई है। कैंडिडेट्स से फीडबैक मिलते ही सेक्शन-वाइज विस्तृत आंकड़े अपडेट कर दिए जाएंगे। बता दें कि प्रीलिम्स परीक्षा में कुल 100 अंकों के 100 सवाल होते हैं, जिसमें हर सेक्शन के लिए 20 मिनट का समय तय है और 0.25 अंकों की नेगेटिव मार्किंग लागू है। जब तक हम आज के सेफ अटेम्प्ट्स का सटीक दायरा तैयार कर रहे हैं, तब तक आप पहले दिन के अटेम्प्ट्स को ध्यान में रखें और संख्या से ज्यादा अपनी एक्यूरेसी पर ध्यान दें।
| तारीख और शिफ्ट | ओवरऑल डिफिकल्टी | गुड अटेम्प्ट्स |
|---|---|---|
| 10 अक्टूबर, शिफ्ट 1 | आसान से मध्यम (Easy to Moderate) | 88–90 |
| 10 अक्टूबर, शिफ्ट 2 | आसान से मध्यम (Easy to Moderate) | 85–88 |
| 10 अक्टूबर, शिफ्ट 3 | आसान से मध्यम (Easy to Moderate) | 89–90 |
IBPS क्लर्क 2026 प्रीलिम्स मेमोरी-बेस्ड सवाल
पहले दिन के मेमोरी-बेस्ड टॉपिक्स से आज के पेपर के ट्रेंड का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इंग्लिश सेक्शन में ब्रांड्स और बिजनेस थीम पर रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन, एरर डिटैक्शन और सेंटेंस अरेंजमेंट के सवाल पूछे गए। क्वांट (Quant) में सिंपलीफिकेशन, बार और टेबल डीआई के साथ-साथ बेसिक अरिथमेटिक का दबदबा रहा। वहीं रीजनिंग में पैरेलल रो, फ्लोर-बेस्ड और सीक्वेंस पजल के अलावा इनइक्वालिटी, कोडिंग और सीरीज के सवाल आए—जहां सही सवालों का चयन और गति ही सफलता की कुंजी रही।
IBPS क्लर्क 2026 प्रीलिम्स संभावित कट-ऑफ और नॉर्मलाइजेशन
अलग-अलग शिफ्टों का फाइनल कट-ऑफ इक्वी-पर्सेंटाइल नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया के बाद ही तय होगा। IBPS सभी शिफ्टों के डिफिकल्टी लेवल को बराबर करने के लिए स्कोर का नॉर्मलाइजेशन करता है, इसलिए सिर्फ अटेम्प्ट्स की संख्या देखकर अंदाजा लगाना गलत हो सकता है। वैकेंसी बढ़कर 11,663 होने से कुछ राज्यों में कट-ऑफ का दबाव थोड़ा कम हो सकता है, हालांकि बड़े शहरी सेंटर्स पर प्रतिस्पर्धा कड़ी रहने की संभावना है। गुड अटेम्प्ट्स के आंकड़ों को केवल गाइडेंस के रूप में देखें, इसे ही अंतिम परिणाम न मानें।
IBPS क्लर्क 2026 प्रीलिम्स: आखिरी शिफ्ट के लिए खास स्ट्रेटजी
बाद की शिफ्टों में शामिल हो रहे उम्मीदवार सबसे पहले उन टॉपिक्स को हल करें जिनमें उनकी पकड़ मजबूत है। इसके बाद डीआई या एक मध्यम स्तर की पजल का रुख करें। शुरुआत में ही लंबे रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन या केसलेट्स में समय न गंवाएं। तुक्के लगाने से बचें और अपनी एक्यूरेसी को प्राथमिकता दें; कल का 85–90 का ओवरऑल दायरा बिना किसी रिस्क के हासिल किया जा सकता था। जिन सवालों पर थोड़ा भी संदेह हो उन्हें रिव्यू के लिए छोड़ दें और ज्यादा स्कोर दिलाने वाले अरिथमेटिक व सीधे रीजनिंग के सवालों के लिए कीमती मिनट बचाएं।


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