AP ECET 2026 के पहले फेज का सीट अलॉटमेंट रिजल्ट आज, 24 जुलाई को जारी होने जा रहा है। उम्मीदवार शाम 6 बजे के बाद आधिकारिक पोर्टल पर कॉलेज-वाइज लिस्ट देख सकते हैं। इस प्रक्रिया के जरिए डिप्लोमा और BSc ग्रेजुएट्स को इंजीनियरिंग के दूसरे साल (लैटरल एंट्री) में एडमिशन मिलता है। आंध्र प्रदेश के छात्रों के लिए इस पूरी काउंसलिंग का जिम्मा तकनीकी शिक्षा विभाग (DTE) संभाल रहा है। राज्य भर के लैटरल एंट्री आवेदकों का भविष्य इन्हीं नतीजों से तय होगा।
रिजल्ट चेक करने के लिए छात्रों को अपना हॉल टिकट नंबर और जन्मतिथि (DOB) डालकर लॉगिन करना होगा। अलॉटमेंट विंडो आज शाम 6 बजे से रात 8 बजे के बीच खुलने की उम्मीद है। लिंक एक्टिव होते ही आप देख पाएंगे कि आपको कौन सा कॉलेज और ब्रांच मिली है। सीट अलॉट होना आपकी इंजीनियरिंग डिग्री के सफर की पहली सीढ़ी है। इस फेज में टॉप संस्थानों की बड़ी संख्या में सीटें भरी जा रही हैं।

AP ECET 2026 फेज-1 अलॉटमेंट के बाद ऐसे पक्की करें अपनी सीट
रिजल्ट देखने के बाद आपको ऑनलाइन सेल्फ-रिपोर्टिंग की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। पोर्टल से अपना अलॉटमेंट ऑर्डर डाउनलोड करें और ट्यूशन फीस जमा करें। अपनी सीट सुरक्षित करने के लिए तय समय सीमा के भीतर यह काम जरूर कर लें, वरना आपकी सीट किसी और उम्मीदवार को दी जा सकती है। समय पर कार्रवाई करने से इस साल की फाइनल एडमिशन लिस्ट में आपकी जगह पक्की हो जाएगी।
कॉलेज रिपोर्टिंग और AP ECET 2026 फेज-1 के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स
सभी छात्रों के लिए अलॉट किए गए कॉलेज में जाकर फिजिकल रिपोर्टिंग करना अनिवार्य है। अपने साथ ओरिजिनल सर्टिफिकेट और रैंक कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज जरूर ले जाएं। इस स्टेप के दौरान कॉलेज लैटरल एंट्री के लिए आपकी पात्रता (eligibility) की जांच करेगा। इसके तुरंत बाद नए बैच का एकेडमिक सेशन शुरू हो जाएगा। इसलिए अपने ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें और एडमिशन के लिए समय पर संस्थान पहुंचें।
| जरूरी काम | अनिवार्य डॉक्यूमेंट्स और एक्शन |
|---|---|
| फीस का भुगतान | ऑनलाइन रसीद और पेमेंट कन्फर्मेशन। |
| सेल्फ-रिपोर्टिंग | ऑफिशियल पोर्टल के जरिए ऑनलाइन सबमिट करें। |
| कॉलेज विजिट | स्टडी सर्टिफिकेट, रैंक कार्ड और आईडी प्रूफ। |
अगर आपको आज सीट नहीं मिली है, तो निराश न हों और फेज-2 का इंतजार करें। अगले राउंड के लिए बेहतर विकल्प चुनने के लिए ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक का अच्छे से विश्लेषण करें। इस समय का उपयोग अन्य कॉलेजों या इंजीनियरिंग की अलग ब्रांचों के बारे में रिसर्च करने के लिए करें। काउंसलिंग की अगली तारीखों के लिए ऑफिशियल बोर्ड की वेबसाइट चेक करते रहें। धैर्य और सही प्लानिंग से दूसरे राउंड में बेहतर कॉलेज मिलने की संभावना बढ़ जाती है।


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