Subhas Chandra Bose Essay नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर निबंध

By Careerindia Hindi Desk

Subhas Chandra Bose Essay 2022 भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक में हुआ। सुभाष चंद्र बोस के पिता का नाम जानकीनाथ बोस और माता का नाम प्रभावती देवी था। पिता जानकीनाथ बोस प्रसिद्ध वकील थे और माता प्रभावती देवी एक धार्मिक महिला थीं। सुभाष चंद्र बोस बचपन से ही देशभक्त रहे। भारत सरकार ने हाल ही में घोषणा की है कि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस 2022 का कार्यक्रम 23 जनवरी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती से शुरू होगा और 27 जनवरी यानी बीटिंग द रिट्रीट तक मनाया जाएगा। देशभर के विभिन्न स्कूलों में नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन जाता है। ऐसे में यदि आपको भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर निबंध लिखना है तो करियर इंडिया आपके लिए सबसे बेस्ट नेताजी सुभाषचंद्र बोस पर निबंध लिखने का आईडिया ड्राफ्ट लेकर आया है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में महत्वपूर्ण तथ्यों की मदद से आप आसने से नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर निबंध लिख सकते हैं। तो आइये जानते हैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर निबंध कैसे लिखें।

 
Subhas Chandra Bose Essay नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर निबंध

नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर निबंध | Essay On Subhas Chandra Bose
जब भी हम सुभाष चंद्र बोस का नाम सुनते हैं, तो सबसे पहले हमारे दिमाग में सुभाष चंद्र बोस का नारा - "तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा" याद आता है। नेताजी के नाम से मशहूर सुभाष चंद्र बोस एक महान स्वतंत्रता सेनानी और सच्चे देशभक्त थे। उनका जन्म उड़ीसा के कटक शहर में 23 जनवरी 1897 को हुआ। उनके पिता जानकीनाथ बोस अपने समय के प्रसिद्ध वकील थे और उनकी माता प्रभावती देवी एक घरेलू महिला थीं। सुभाष चंद्र बोस ने अपनी स्कूली शिक्षा उड़ीसा से की, वह एक मेधावी छात्र थे, जब मैट्रिक में थे तो उन्होंने परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल किया था।

सुभाष चंद्र बोस ने 1918 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में बीए ऑनर्स किया और बाद में वह आगे की पढ़ाई के लिए सितंबर 1919 में इंग्लैंड चले गए। वहां उन्हें सिविल सेवा के लिए चुना गया था, लेकिन वह इंग्लैंड में रहकर ब्रिटिश सरकार की सेवा नहीं करना चाहते थे। सुभाष चंद्र ने 1921 में अपनी सिविल सेवा की नौकरी से इस्तीफा दे दिया और भारत भारत लौट आए। वह बचपन से ही स्वामी विवेकानंद और रामकृष्ण की शिक्षाओं से प्रभावित हुए और सुभाष चंद्र बोस ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेते रहे हैं। वह महात्मा गांधी की कुछ नीतियों का सहयोग, तो कुछ का विरोध भी करते थे।

 

छोटी उम्र से ही सुभाष चंद्र बोस राष्ट्रवादी रहे, अंग्रेजों की भेदभाव निति के खिलाफ वह हमेशा आक्रोश में रहते थे। देश की सेवा करने के लिए, वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। सुभाष चंद्र बोस महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में शामिल हुए। बोस एक क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी थे, उन्होंने अपने स्तर पर देश की सेवा के लिए आजाद हिंद सेना की स्थापना की। जिसके बाद वह कई क्रांतिकारी आंदोलनों में शामिल हुए और उन्हें 11 बार जेल जाना पड़ा। एक बार उन्हें बर्मा, म्यांमार की जेल भेज दिया गया, जहां उन्हें क्षय रोग हो गया।

बाद में सुभाष चंद्र बोस को दो बार कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष चुना गया और उन्होंने पंडित जवाहर लाल नेहरू के साथ काम करना शुरू किया। दोनों का स्वतंत्रता के प्रति अधिक उग्रवादी और वामपंथी दृष्टिकोण था, जो गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ बोस के मतभेदों का कारण बन गया। विचारधाराओं में मतभेद के कारण, सुभाष चंद्र बोस ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया। नेतीजी सुभाष चंद्र बोस कांग्रेस की आंतरिक और विदेश नीति के खिलाफ थे। सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान उनके स्वतंत्रता संग्राम के लिए उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।

कांग्रेस छोड़ने के बाद वह देश से बाहर चले गए और ब्रिटिश सेना के खिलाफ अन्य देशों के साथ गठबंधन करने लगे। उन्होंने जापानियों का समर्थन अर्जित किया और वह दक्षिण पूर्व एशिया में भारतीय राष्ट्रीय सेना बनाने सफल हुए। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पश्चिमी शक्तियों के खिलाफ विदेशों से भारतीय राष्ट्रीय सेना का नेतृत्व किया। बाद में नेताजी आईएनए के कमांडर बने। ऐसा माना जाता है कि 18 अगस्त 1945 को एक विमान दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई थी। सुभाष चंद्र बोस ने अपनी अंतिम सांस तक देश के स्वतंत्रता संग्राम के लिए अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।

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English summary
Subhash Chandra Bose Essay Speech Jayanti Slogan Quotes In Hindi 2022 Netaji Subhash Chandra Bose, the great freedom fighter of India, was born on 23 January 1897 in Cuttack, Orissa. Subhas Chandra Bose's father's name was Jankinath Bose and mother's name was Prabhavati Devi. Father Jankinath Bose was a famous lawyer and mother Prabhavati Devi was a religious woman. Subhash Chandra Bose was a patriot since childhood. The Government of India has recently announced that 26 January Republic Day 2022 program will start from 23 January, the birth anniversary of Netaji Subhas Chandra Bose and will be celebrated till 27 January i.e. Beating the Retreat. Essay writing competition on Netaji Subhash Chandra Bose is organized in various schools across the country.
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