Guru Nanak Ke Dohe: गुरु नानक देव जी के दोहे - जिनमें छिपा है सफलता का मूल मंत्र

गुरुनानक 553वां प्रकाश पर्व: 8 नवंबर 2022 को सिखों के प्रथम गुरु,गुरु नानक देव जी की 553वीं जयंती (Guru Nanak Jayanti 2022) मनाई जा रही है। सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी के पंजाबी भाषा में लिखे उपदेश, दोहे और कविताएं सभी लोगों के लिए प्रेरणादायक रही हैं। गुरु नानक जी को पंजाबी के साथ-साथ हिंदी, संस्कृत और फारसी भाषा का गहरा ज्ञान था। गुरु नानक जयंती (Guru Nanak Dev Prakash Parv) पर लोग प्रभात फेरी पर नगर कीर्तन करते हैं और एक दूसरे को गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima 2022) की शुभकामनाएं देते हैं। आइए जानते हैं गुरु नानक देव के प्रसिद्ध दोहे और उनका अर्थ हिंदी में।

 
553वां प्रकाश पर्व 2022 पर गुरु नानक देव जी के दोहे - जिनमें छिपा है सफलता का मूल मंत्र

गुरु नानक देव जी के दोहे (Guru Nanak Ke Dohe)

1. जे हउ जाणा आखा नाही
कहणा कथनु न जाई

हिंदी अर्थ: इस दोहे में गुरु नानक जी कहते है कि इस संसार में ऐसा कोई भी मनुष्य नहीं है जो ईश्वर की ज्योति को जान लेने पर उसे शब्दों में व्यक्त कर सके ! वह तो कथन से परे है जिसे केवल ह्रदय में अनुभव किया जा सकता है !

2. थापिआ न जाइ कीता न होइ
आपे आपि निरंजनु सोइ

हिंदी अर्थ : गुरु नानक जी कहते है कि ईश्वर निराकार है , वह अजन्मा , निराकार , मायातीत तथा अनंत है !

3. ऐसा नामु निरंजनु होइ
जे को मंनि जाणै मनि कोइ

हिंदी अर्थ : इस दोहे में गुरु नानक देव जी कहते है जो मनुष्य ईश्वर का स्मरण करता है उसका आनंद तो वह स्वयं ही बता सकता है ! अन्य कोई व्यक्ति प्रभु की भक्ति से मिलने वाले आनंद का वर्णन नहीं कर सकता है !

 

4. रमी आवै कपड़ा। नदरी मोखु दुआरू
नानक एवै जाणीऐ। सभु आपे सचिआरू

हिंदी अर्थ : नानक द्व जी इस दोहे के माध्यम से बताते है कि हमारे कर्मो के अनुसार ही हमें यह शरीर मिलता है ! यदि हमें मोक्ष प्राप्त करना है तो इसके लिए प्रभु की भक्ति करनी होगी ! इसलिए हमें अपने सारे छल - कपट को दूर कर हमेशा प्रभु का ध्यान करना चाहिए !

5. गावीऐ सुणीऐ मनि रखीऐ भाउ
दुखु परहरि सुखु घरि लै जाइ

हिंदी अर्थ : गुरु नानक देव जी मानना है जो व्यक्ति ईश्वर की भक्ति करता है मान - प्रतिष्ठा सब मिलती है ! इसलिए हमेशा उसके गुणों का यशगान करते रहना चाहिए !

6. गुरा इक देहि बुझाई
सभना जीआ का इकु दाता सो मैं विसरि न जाई

हिंदी अर्थ : गुरु नानक जी कहते है कि ईश्वर के गुणों का यशगान करने से और सुनने से तथा मन में भाव रखने से हमारे समस्त दुखो का नाश होता है और हमें असीमित सुख की प्राप्ति होती है !

7. जेती सिरठि उपाई वेखा
विणु करमा कि मिलै लई

हिंदी अर्थ : गुरु नानक जी कहते है कि इस संसार में हमें जो कुछ भी मिला है वह सब अपने कर्मो से ही मिला है ! कुछ भी प्राप्त करने के लिए हमें कर्म अवश्य करना पड़ता है ! इसलिए प्रभु की प्राप्ति भी बिना कर्म किये कैसे संभव हो सकती है ! परन्तु किसी भोतिक वस्तु की चाहत में किये गए कर्म व्यर्थ है !

8. तीरथि नावा जे तिसु भावा
विणु भाणे कि नाइ करी

हिंदी अर्थ : नानक देव जी कहते है कि हमारा तीर्थो में स्नान करना तभी सार्थक है जब यह प्रभु को मंजूर हो ! बिना प्रभु की मान्यता के तीर्थो के स्नान का कोई अर्थ नहीं है !

9. करमी आवै कपड़ा। नदरी मोखु दुआरू
नानक एवै जाणीऐ। सभु आपे सचिआरू

हिंदी अर्थ : गुरु नानक देव जी कहते है कि हमारे अच्छे और बुरे कर्मो से यह शरीर बदल जाता है ! यदि हमें मोक्ष प्राप्त करना है तो उसके लिए ईश्वर की भक्ति करनी होगी ! हमें अपने सभी भ्रमो का नाश करके ईश्वर तत्व का ज्ञान प्राप्त करना चाहिए ! हमें यह विश्वास करना चाहिए कि ईश्वर हर जगह मौजुद है !

10. फेरि कि अगै रखीऐ। जितु दिसै दरबारू
मुहौ कि बोलणु बोलीएै। जितु सुणि धरे पिआरू

हिंदी अर्थ : गुरु नानक जी कहते है कि हमें यह ज्ञात नहीं है उसे क्या अर्पण किया किया जाये जिससे वह दर्शन दे ! हम उसे कैसे याद करे , उसका कैसे गुणगान करे की वह प्रसन्न होकर हम पर कृपा करे !

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English summary
Guru Nanak 553rd Prakash Parv: The 553rd birth anniversary of the first Sikh Guru, Guru Nanak Dev Ji (Guru Nanak Jayanti 2022) is being celebrated on 8 November 2022. The sermons, couplets and poems written in Punjabi language by the founder of Sikhism Guru Nanak Dev Ji have been inspiring for all. Guru Nanak ji had a deep knowledge of Hindi, Sanskrit and Persian languages ​​along with Punjabi. On Guru Nanak Jayanti (Guru Nanak Dev Prakash Parv), people perform Nagar Kirtan on Prabhat Pheri and wish each other on Guru Purnima 2022. Let us know the famous couplets of Guru Nanak Dev and their meaning in Hindi.
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